भोपाल रिटायर्ड IAS हत्याकांड: 1 करोड़ की धोखाधड़ी से लेकर आगरा में मिले मोबाइल तक... जांच में सामने आए नए तथ्यों ने बढ़ाया सस्पेंस
भोपाल में सेवानिवृत्त आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या में एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का एंगल सामने आया है, जिसमें ...और पढ़ें

-प्रतीकात्क चित्र। (इनसेट- मृतक राकेश अग्रवाल)
HighLights
रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड में एक करोड़ की धोखाधड़ी का एंगल।
धोखाधड़ी के आरोपित अजीत पाटनी पर अग्रवाल ने केस दर्ज कराया था।
रिटायर्ड आईएएस की हत्या के बाद लूटा गया मोबाइल आगरा में चालू मिला।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की भोपाल स्थित आवास पर हत्या में धोखाधड़ी के एक विवाद का एंगल सामने आया है। अग्रवाल ने हरियाणा के गुरुग्राम निवासी एक व्यक्ति के झांसे में आकर एक करोड़ रुपये का निवेश किया था। बाद में उन्होंने उस व्यक्ति पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया।
इस मामले में पुलिस ने आरोपित अजीत पाटनी को गिरफ्तार भी किया था। इसी महीने इस केस का ट्रायल शुरू होना था। जिस केयरटेकर वरुण कुमार पर हत्या का आरोप है, उसका घर गुरुग्राम से 250 किलोमीटर दूर है। क्राइम ब्रांच इस विवाद और किरदारों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
कंपनी में निवेश और बेहतर रिटर्न का दिया था भरोसा
पुलिस के अनुसार, धोखाधड़ी के आरोपित अजीत पाटनी और राकेश अग्रवाल के बीच फोन पर बातचीत होती थी। दोनों की भोपाल में एक मुलाकात भी हुई थी। आरोप है कि अजीत ने एक कंपनी में निवेश कराने और बेहतर रिटर्न दिलाने का भरोसा देकर अग्रवाल से अलग-अलग किस्तों में एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि ले ली थी, लेकिन कुछ समय बाद रकम वापस नहीं मिलने पर अग्रवाल ने अक्टूबर 2025 में क्राइम ब्रांच में शिकायत की।
उसके आधार पर अजीत पाटनी को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वहां से वह जमानत पर बाहर है। क्राइम ब्रांच की टीम इस मामले के किरदारों के संबंध में अधिक जानकारी जुटा रही है। हालांकि पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने दोनों मामलों में किसी भी तरह की समानता से फिलहाल इन्कार किया है।
आगरा में मिला अग्रवाल का मोबाइल
राकेश अग्रवाल का लूटा हुआ मोबाइल आगरा में चालू मिला। भोपाल पुलिस ने उस व्यक्ति से पूछताछ की है, जिसके पास मोबाइल था। उसने पुलिस को बताया कि उसे मोबाइल एक जगह पड़ा मिला था। पुलिस को आशंका है कि हत्या के बाद वरुण ने ही मोबाइल आगरा में किसी को सस्ते दाम पर बेच दिया होगा और बाद में वह किसी अन्य व्यक्ति के पास पहुंच गया। पुलिस मोबाइल के वहां तक पहुंचने की पूरी कड़ी की भी जांच कर रही है।
पटियाला में आरोपित के पिता और सौतेली मां से पूछताछ
क्राइम ब्रांच की टीम गुरुवार को पटियाला के नाभा स्थित आशा कालोनी में वरुण के घर पहुंची। यहां उसके पिता गब्बर कुमार और सौतेली मां से पूछताछ की गई। पुलिस को पता चला कि वरुण लंबे समय से घर नहीं आया था। वह अलग-अलग शहरों में रहकर काम करता था। उसकी सगी मां की काफी पहले मौत हो चुकी है। पिता ने बाद में दो शादियां कीं। तीसरी पत्नी उनके रिश्तेदार की पूर्व पत्नी बताई गई है।
कर्नाटक और राजस्थान में भी कर चुका है नौकरी
जांच में सामने आया है कि वरुण भोपाल आने से पहले कर्नाटक और राजस्थान में भी नौकरी कर चुका था। बीते करीब एक साल में उसने कई सिम कार्ड खरीदे थे। पुलिस अब उसके मोबाइल नंबरों, संपर्कों और अलग-अलग शहरों में रहने के दौरान की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। उसने वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी के संचालक अखिलेश वर्मा को महाराष्ट्र में मोबाइल गुम होने की जानकारी दी थी। पुलिस इस दावे और उसके वास्तविक मोबाइल इस्तेमाल के बीच अंतर की जांच कर रही है।
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सोने की चेन, अंगूठियां, चार महंगी घड़ियां भी गायब
स्वजन ने गुरुवार को पुलिस को बताया कि सोने की चेन, अंगूठियां और अलमारी में रखी चार बेशकीमती घड़ियां गायब हैं। आरोपित ने घर के कमरों के अलावा वाशरूम की अलमारियां तक खंगाली थीं।
अमेरिका से लौटा बेटा, शुक्रवार को अंतिम संस्कार
राकेश अग्रवाल का बेटा सिद्धांत अपनी पत्नी के साथ गुरुवार देर रात अमेरिका से भोपाल पहुंच गया। पेशे से इंजीनियर सिद्धांत ने दो साल पहले एक अमेरिकी युवती से विवाह किया था। राकेश अग्रवाल के शव का अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाएगा।
