भोपाल के रिटायर्ड IAS हत्याकांड में सुरक्षा पर सवाल, आलीशान बंगले में CCTV तक नहीं; 10 दिन में बदले थे दो केयरटेकर
भोपाल के सूरज नगर में रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद उनके घर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर ...और पढ़ें

पूर्व IAS राकेश अग्रवाल का घर, ।इनसेट- आरोपित वरुण कुमार व रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल।
HighLights
रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल के घर में नहीं थे सीसीटीवी कैमरे।
हत्या से पहले 10 दिन में दो केयरटेकर नौकरी छोड़ चुके थे।
तीसरे केयरटेकर वरुण कुमार पर हत्या का आरोप लगा है।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। भोपाल के सूरज नगर में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद अब उनके घर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। करीब पांच हजार वर्गफीट में बने करोड़ों रुपये के आलीशान मकान में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। इतना ही नहीं, पूरी गली में भी निगरानी के लिए कैमरे नहीं मिले। घर में दो पालतू श्वान होने के बावजूद सुरक्षा की कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं थी।
केयरटेकर की व्यवस्था भी स्थायी नहीं थी। 10 सितंबर को एजेंसी से संपर्क करने के बाद 20 सितंबर तक दो केयरटेकर नौकरी छोड़ चुके थे। इसके बाद रखे गए तीसरे केयरटेकर वरुण कुमार पर ही हत्या करने का आरोप है।
रास्तों के कैमरों से जुटाए जा रहे सुराग
हत्या की जांच में रातीबड़ पुलिस को नीलबड़ और भदभदा क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इनमें आरोपित रात करीब 2:50 बजे आता-जाता दिखाई दिया है। घर और गली में कैमरे नहीं होने के कारण पुलिस को अब आसपास की दुकानों और प्रमुख रास्तों पर लगे निजी कैमरों के फुटेज खंगालने पड़ रहे हैं।
अमेरिका में रहता है बेटा
राकेश अग्रवाल का बेटा अमेरिका में रहता है। पिता की हत्या की जानकारी मिलने के बाद वह बुधवार को भारत के लिए रवाना हुआ। बुधवार को उनके साले और दिल्ली कैडर के पूर्व आईएएस नलिन सिंघल की अनुमति से हमीदिया अस्पताल में डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया।
अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे कई वरिष्ठ अधिकारी
हत्या की खबर के बाद दिनभर राकेश अग्रवाल के सूरज नगर स्थित आवास पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का पहुंचना जारी रहा। पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस परिवार के साथ पहुंचे। इसके अलावा आईएएस राधेश्याम जुलानिया, रेरा के एमडी शैलेंद्र सिंह अरेरा, पूर्व डीजीपी मैथिलीशरण गुप्त और सेवानिवृत्त आईएएस मनोज श्रीवास्तव समेत कई अधिकारी वहां पहुंचे।
आखिरी वक्त तक हाथों पर थे पेंट के रंग
राकेश अग्रवाल को पेंटिंग का भी शौक था। वह लैंडस्केप और पोर्ट्रेट शैली में चित्र बनाते थे। वरिष्ठ चित्रकार अखिलेश वर्मा के अनुसार, उनकी कृतियां देश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शित हो चुकी थीं और वह भोपाल में बड़ी चित्र प्रदर्शनी आयोजित करने की तैयारी में थे।
फिटनेस में भी उनकी खास रुचि थी और वह इंटरनेट मीडिया पर इससे जुड़ी तस्वीरें साझा करते थे। मृत्यु के बाद भी उनके दाएं हाथ की अंगुलियों पर हरे और नीले रंग के निशान दिखाई दिए। हाथ में रखा ब्रश और बिस्तर के पीछे लगी पेंटिंग उनके कला प्रेम की झलक दे रही थी।
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हत्या के बाद पहुंचा ऑनलाइन मंगाया टूथब्रश
बुधवार दोपहर करीब तीन बजे उनके घर एक पार्सल पहुंचा। डिलीवरी एजेंट के मुताबिक, इसमें टूथब्रश था। राकेश अग्रवाल ने करीब तीन दिन पहले इसे ऑनलाइन ऑर्डर किया था, लेकिन डिलीवरी होने तक उनकी हत्या हो चुकी थी।
मोबाइल गुम होने का बहाना बनाकर किया था संपर्क
रातीबड़ पुलिस ने बागसेवनिया स्थित वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी के संचालक अखिलेश वर्मा से भी पूछताछ की। उनके मुताबिक, वरुण ने अगस्त 2026 में ऑनलाइन मिले नंबर के जरिए एजेंसी से संपर्क किया था। वह पंजाब के पटियाला से भोपाल आया था।
एजेंसी संचालक के अनुसार, वरुण ने जिस नंबर से संपर्क किया था, उसे अपनी बहन का नंबर बताया था। उसने आधार कार्ड, पैन कार्ड और पुलिस वैरीफिकेशन से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध कराए थे। हालांकि, पुलिस वैरीफिकेशन मई 2025 का था और उसकी वैधता छह महीने बाद समाप्त हो चुकी थी।
अखिलेश वर्मा ने बताया कि वरुण ने 13 से 15 अगस्त तक अशोकागार्डन क्षेत्र के पंजाबी बाग में एक परिवार के यहां केयरटेकर के रूप में काम किया था। पुलिस अब उसके पुराने काम और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
