विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

राजेंद्र भारती की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में 15 अप्रैल को अगली सुनवाई, MP में बढ़ी सियासी हलचल, नरोत्तम से मिले हेमंत खंडेलवाल

Published: Tue, 07 Apr 2026 02:58 PM (IST)

बैंक धोखाधड़ी मामले में विधायकी गंवा चुके कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिलने की उम्मीद ...और पढ़ें

कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती... भोपाल में हेमंत खंडेलवाल ने नरोत्तम मिश्रा से की मुलाकात।

कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती... भोपाल में हेमंत खंडेलवाल ने नरोत्तम मिश्रा से की मुलाकात।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, भोपाल। बैंक धोखाधड़ी मामले में सजा सुनाए जाने के बाद विधायकी गंवा चुका कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती को राहत मिलेगी या नहीं, इस पर अब सबकी नजरें दिल्ली हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिक गई हैं। अदालत ने उनकी याचिका पर मध्य प्रदेश पुलिस से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 15 अप्रैल को तय की है।

सजा को चुनौती, कोर्ट ने मांगा जवाब

न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने राजेंद्र भारती की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की। इससे पहले 2 अप्रैल को दिल्ली एमपी-एमएलए कोर्ट ने राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, उन्हें 60 दिनों की अंतरिम जमानत देते हुए सजा पर रोक लगाई गई, ताकि वे हाई कोर्ट में अपील कर सकें। सजा के बाद उनकी विधायकी समाप्त हो गई, जिससे दतिया विधानसभा सीट खाली हो गई है। इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

भाजपा में हलचल, मिश्रा की सक्रियता बढ़ी

इसी बीच मंगलवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से उनके निवास पर मुलाकात की। करीब आधे घंटे चली इस बंद कमरे की चर्चा को दतिया में संभावित उपचुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि दतिया सीट लंबे समय तक डॉ. नरोत्तम मिश्रा का गढ़ रही है, जहां से वे तीन बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि, पिछले चुनाव में उन्हें राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था।

यह भी पढ़ें- दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म, सजा के 10 घंटे में कार्रवाई, कोर्ट जाने की तैयारी में कांग्रेस

15 अप्रैल को तय होगी आगे की दिशा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 15 अप्रैल को होने वाली सुनवाई न केवल इस केस के भविष्य को प्रभावित करेगी, बल्कि दतिया उपचुनाव की सियासी दिशा भी तय कर सकती है। फिलहाल, कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर यह मामला बेहद अहम बन गया है।