दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म, सजा के 10 घंटे में कार्रवाई, कोर्ट जाने की तैयारी में कांग्रेस
दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता आर्थिक धोखाधड़ी मामले में तीन साल की कैद की सजा के ...और पढ़ें

राजेंद्र भारती (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, भोपाल। तीन साल कैद की सजा होने के बाद दतिया विधानसभा सीट से निर्वाचित कांग्रेस के राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त कर दी गई। उन्हें नई दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में गुरुवार को सजा सुनाई थी। मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने इसके करीब 10 घंटे बाद ही गुरुवार देर रात उनकी सदस्यता समाप्त कर राजपत्र में अधिसूचना भी जारी कर दी। साथ ही, दतिया सीट रिक्त होने की सूचना भी भारत निर्वाचन आयोग को दे दी गई।
6 साल चुनाव लड़ने पर रोक
राजेंद्र भारती अब छह वर्ष तक चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। हालांकि, सजा के विरुद्ध उनकी ओर से हाई कोर्ट में एक-दो दिन में अपील दायर की जाएगी। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला बताया है तो भाजपा का कहना है कि मामला कोर्ट से जुड़ा है, किसी पार्टी विशेष से नहीं।
विधानसभा सचिवालय ने संविधान के अनुच्छेद 191 (1) (ई) सहपठित लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा आठ के प्रावधान के अनुसार दो साल से अधिक कैद की सजा होने के कारण राजेंद्र भारती की विधानसभा की सदस्यता समाप्त की गई।
60 दिन में करनी होगी अपील
बता दें, विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने आदेश में राजेंद्र भारती को अपील के लिए 60 दिन का समय दिया है। वह हाई कोर्ट में इस आदेश के विरुद्ध अपील कर सकते हैं। यदि हाई कोर्ट द्वारा सजा स्थगित की जाती है तो लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत जो कार्रवाई की गई है, वह रद हो जाएगी।
याद आया राहुल गांधी प्रकरण
वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता विवेक तन्खा का कहना है कि ऐसी भी क्या जल्दी थी कि रात में ही विधानसभा सचिवालय खुला और आनन-फानन में सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई की गई। राहुल गांधी के प्रकरण में भी ऐसा ही हुआ था। तब मोदी उपनाम से जुड़े मानहानि के प्रकरण में दो वर्ष से अधिक की सजा सुनाए जाने के कारण 24 घंटे के भीतर उनकी लोकसभा से सदस्यता 24 मार्च, 2023 को समाप्त कर दी गई थी। हालांकि, अगस्त 2023 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सजा पर रोक लगाने के बाद उनकी सदस्यता बहाल हो गई थी।
कानून का पालन किया : विस अध्यक्ष
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राजेंद्र भारती को कोर्ट ने सजा सुनाई। प्रावधान के अनुसार ही उन पर कार्रवाई की गई। हमने महाधिवक्ता से परामर्श लिया। यह कोई पहला मामला नहीं है। आशारानी सिंह, प्रहलाद लोधी की सदस्यता भी रद की गई थी। विधानसभा में दलगत भावना से ऊपर उठकर काम किया जाता है।
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कांग्रेस ने बताया लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि राजेंद्र भारती को न्यायालय ने ही 60 दिनों का समय दिया है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा देर रात को विधानसभा सचिवालय खुलवाकर उनकी सदस्यता समाप्त कर दी। राज्यसभा चुनाव से पहले भाजपा हरसंभव प्रयास कर रही है कि विपक्ष के विधायकों को किसी भी तरह प्रक्रिया से बाहर किया जाए।
निर्णय किसी पार्टी विशेष का नहीं : हेमंत खंडेलवाल
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि मामला पूरी तरह न्यायालय से जुड़ा हुआ है, यह किसी पार्टी विशेष का नहीं है। कोर्ट के आदेशों के पालन से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार भारत निर्वाचन आयोग और विधानसभा अध्यक्ष को है।
इस मामले में हुई सजा
मामला राजेंद्र भारती की मां सावित्री देवी श्याम के नाम पर वर्ष 1998 में बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र का है। वर्ष 1998 से 2001 के बीच भारती संबंधित बैंक संचालक मंडल के अध्यक्ष थे। केवल तीन वर्ष के लिए जारी एफडी पर समयावधि के बाद भी अधिक दर पर ब्याज लेना जारी रखा।
विधानसभा में अब दलीय स्थिति
भाजपा- 164
कांग्रेस- 64
भारत आदिवासी पार्टी- 1
रिक्त- 1
कुल-230
