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MP में आदिवासी मुद्दे पर कांग्रेस का फोकस, राहुल गांधी का बालाघाट दौरा कराकर मोहन सरकार को घेरने के प्रयास में कांग्रेस

Published: Wed, 30 Sep 2026 07:17 PM (GMT+05:30)

राहुल गांधी मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के जागला गांव का दौरा कर कुपोषण, मलेरिया और खसरा से मृत बैगा ...और पढ़ें

राहुल गांधी। (फाइल फोटो)

राहुल गांधी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. राहुल गांधी बालाघाट में मृत बैगा आदिवासी बच्चों के परिजनों से मिलेंगे।

  2. कांग्रेस आदिवासी क्षेत्रों में बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा उठाएगी।

  3. मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग राजनीतिक दलों के लिए अहम है।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं। चुनाव में अभी दो वर्ष से अधिक का समय बाकी है, लेकिन कांग्रेस अभी से तैयारी में जुट गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार मध्य प्रदेश आ रहे हैं। वह गुरुवार को बालाघाट के बैहर विकासखंड के जागला गांव में कुपोषण, मलेरिया और खसरा से मृत बैगा आदिवासी (विलुप्तप्राय जनजाति) बच्चों के स्वजन से भेंट करेंगे।

उनका प्रवास करीब एक घंटे का रहेगा। इस यात्रा के माध्यम से वह प्रदेश के आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सुविधा की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाएंगे।

एक माह में 26 बच्चों की मौत

बैहर क्षेत्र में सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार 26 बच्चों की मौत अलग-अलग कारणों से पिछले माह हुई। इनमें अधिकतर विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवार के थे। कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे। मामले ने तूल पकड़ा तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रभावित गांवों में मृत बैगा आदिवासी बच्चों के स्वजन से भेंट की।

कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है कि सरकार बच्चों की मौत के आंकड़े को छुपा रही है। वहां 41 से अधिक बच्चों की मौत बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के कारण हुई। टीकाकरण केवल कागजों में हुआ। राहुल गांधी जब 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में आए थे, तब पार्टी नेताओं ने उन्हें बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत सहित अन्य जिलों में विस्थापन व आदिवासियों के अधिकारों के हनन की जानकारी दी थी।

पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि राहुल गांधी महाराष्ट्र के गोंदिया से होते हुए जागला गांव पहुंचेंगे। यहां प्रभावितों से मिलने के बाद लौट जाएंगे।

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मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग अति महत्वपूर्ण

मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग राजनीतिक दलों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि राज्य की कुल आबादी का करीब 21 प्रतिशत हिस्सा आदिवासी समुदाय का है। विधानसभा की 230 सीटों में से 47 सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं। कांग्रेस पार्टी जल, जंगल और जमीन के अधिकारों, पेसा नियमों के सही क्रियान्वयन और स्थानीय मुद्दों को उठाकर आदिवासियों को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा शासनकाल में आदिवासियों के अधिकारों का हनन हुआ है। चुनावों में सभी आरक्षित सीटों पर दोनों दलों के बीच हमेशा कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है, जो राज्य में सरकार बनाने के समीकरण तय करता है। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने आदिवासियों के लिए आरक्षित 47 सीटों में से 30 सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसके दम पर उसने राज्य में सरकार बनाई थी। मध्य प्रदेश में अभी भाजपा के पास 24 और कांग्रेस के पास 22 आदिवासी सीटें हैं। एक सीट पर भारत आदिवासी पार्टी का प्रत्याशी विजयी हुआ था