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32 आदिवासी बच्चों की मौत पर शोक जताने बालाघाट पहुंचे राहुल गांधी सिर्फ 33 मिनट रुके; संवाद में केवल स्थानीय विधायकों को किया शामिल

By Vaibhav SridharEdited By: Ravindra Soni
Published: Thu, 01 Oct 2026 09:28 PM (IST)

राहुल गांधी ने बालाघाट के जगला गांव में कुपोषण और बीमारियों से बच्चों को खोने वाले बैगा आदिवासियों से मुलाकात ...और पढ़ें

जगला गांव में बैगा आदिवासियों से चर्चा करते राहुल गांधी। (सौजन्यः कांग्रेस)

जगला गांव में बैगा आदिवासियों से चर्चा करते राहुल गांधी। (सौजन्यः कांग्रेस)

HighLights

  1. राहुल गांधी बालाघाट के जगला गांव में बैगा आदिवासियों से मिले।

  2. कुपोषण और बीमारियों से बच्चों को खोने वाले परिवारों का दर्द।

  3. सरकार की विफलता पर निशाना साधा, लोकसभा में मुद्दा उठाएंगे।

वैभव श्रीधर, जगला गांव (बालाघाट)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के जगला गांव पहुंचे। यहां उन्होंने कुपोषण और बीमारियों के कारण अपने बच्चों को खोने वाले बैगा जनजाति के लोगों से मुलाकात की। 32 बच्चों की मौत के 107 दिन बाद यहां पहुंचे राहुल गांधी ने केवल 33 मिनट आदिवासियों से बातचीत की। उनसे स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, रोजगार, कुपोषण और सरकारी योजनाओं के बारे में जाना।

सरकार पर साधा निशाना

बता दें, 16 जून को प्रशासन ने जिले में खसरा, मलेरिया और कुपोषण से बच्चों की मौत की पुष्टि की थी। अब तक 32 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है। मीडिया से चर्चा में राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने यहां अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। ऐसा लगा कि हिंदुस्तान के बीच में ही भारत और राज्य की सरकार नहीं है। इस घटना को सरकारी विफलता करार देते हुए कहा कि वह इस गंभीर मामले और आदिवासियों की दुर्दशा को लोकसभा में प्रमुखता से उठाएंगे।

संवाद में स्थानीय विधायक रहे शामिल

संवाद के दौरान राहुल गांधी के साथ स्थानीय बैहर विधायक संजय उइके, परसवाड़ा विधायक मधु भगत, पूर्व विधायक हिना कांवरे, डिंडौरी से विधायक ओमकार सिंह मरकाम और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी दूर खड़े रहे।

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आदिवासी महिलाएं भी मिलने पहुंचीं

70-80 घरों के गांव जगला में आसपास के गांवों से राहुल गांधी से मिलने आदिवासी महिलाएं भी पहुंची थीं। दोपहर 2.51 बजे राहुल गांधी सीधे प्रभावित बैगा आदिवासियों के बीच पहुंचे। उन्होंने वन अधिकार के तहत दिए जाने वाले जमीन के पट्टे, शिक्षा, रोजगार और कुपोषण सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने के बारे में भी पूछा।

यहां की स्थिति देखकर दुख हुआ, सरकार बनने पर मदद करेंगे

राहुल गांधी ने कहा कि बहुत सारे बच्चों की मृत्यु कुपोषण और अन्य बीमारियों के कारण हुई है, लेकिन अभी तक आधे लोगों को मुआवजा नहीं दिया गया। आदिवासियों की जमीन, वन अधिकार, मनरेगा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार का मुद्दा है। कांग्रेस की सरकार बनते ही मदद करेंगे।

राहुल ने भाजपा सरकार द्वारा विकास के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जिम्मेदारी निभाने की बात आती है तो वह गायब हो जाती है। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी और पोषण आहार अनुदान को लेकर कहा कि अगर सरकार प्रदेश में दो योजनाएं चला रही है तो लोगों को दोनों का लाभ मिलना चाहिए, लेकिन केवल एक का ही दिया जा रहा है। आदिवासी हिंदुस्तान के पहले मालिक हैं, इसलिए इन्हें देश में जगह और सुविधाएं मिलनी चाहिए।

जगला का चयन इसलिए

कांग्रेस ने जगला गांव का चयन इसलिए किया था क्योंकि यहां चार बच्चों की मृत्यु हुई लेकिन यह सरकारी रिकार्ड में दर्ज नहीं है। डॉ. विक्रांत भूरिया ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने स्क्रीनिंग करवाने का जो दावा किया वह हवाई है। जगला जैसे ही अन्य गांवों की स्थिति भी है। विधायक संजय उइके ने दावा किया कि 43 बैगा आदिवासी बच्चों की मृत्यु हुई है।