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NMDC ने खोजा अब तक का दूसरा सबसे बड़ा हीरा, पन्ना की खदान में मिला 27.29 कैरेट का डायमंड

Published: Thu, 17 Sep 2026 09:43 AM (IST)

एनएमडीसी को पन्ना माइनिंग प्रोजेक्ट में 27.29 कैरेट का एक शानदार हीरा मिला है, जो कंपनी के इतिहास में इस खदान से मिला दूसरा सबसे बड़ा हीरा है।

एनएमडीसी को मिला दूसरा सबसे बड़ा हीरा।

एनएमडीसी को मिला दूसरा सबसे बड़ा हीरा।

HighLights

  1. एनएमडीसी को पन्ना खदान में 27.29 कैरेट का शानदार हीरा मिला।

  2. यह कंपनी के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा हीरा है।

  3. इसकी अनुमानित नीलामी कीमत 1 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये।

डिजिटल डेस्क, पन्ना। मध्य प्रदेश में एनएमडीसी लिमिटेड के पन्ना माइनिंग प्रोजेक्ट में 27.29 कैरेट का शानदार और अच्छी क्वालिटी वाला हीरा मिला है। यह हैदराबाद की नवरत्न पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग के लिए अब तक की सबसे बड़ी खोजों में से एक है और कंपनी के इतिहास में इस खदान से मिला दूसरा सबसे बड़ा हीरा है।

यह हीरा 15 सितंबर, 2026 को पन्ना में एनएमडीसी की मझगवां खदान से मिला था। इस जगह पर कंपनी की सबसे बड़ी हीरा खोज 34.37 कैरेट का अच्छी क्वालिटी वाला पत्थर है, जो 2010 में मिला था और बाद में 3.2 करोड़ रुपये में बिका था।

कितनी है अनुमानित कीमत?

अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में मिले हीरे की शुरुआती अनुमानित नीलामी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये है। यह कीमत उसके रंग, कैरेट वजन, साफ-सफाई और एस-आकार जैसी विशेषताओं के आधार पर तय की गई है, लेकिन तय मूल्यांकन और नीलामी प्रक्रिया के आधार पर इसकी अंतिम कीमत 2 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये तक बढ़ सकती है।

पन्ना प्रोजेक्ट एनएमडीसी के लौह अयस्क के अलावा अन्य खनिजों के खनन कार्यों में से एक है और यह दक्षिण एशिया का एकमात्र मशीनीकृत हीरा खनन प्रोजेक्ट है। इस खदान की सालाना उत्पादन क्षमता 84,000 कैरेट है और यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ज्यादा कीमत वाले खनिजों की घरेलू आपूर्ति में मदद करती है।

एनएमडीसी ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 में अगस्त तक उसके पन्ना प्रोजेक्ट में लगभग 6,000 कैरेट हीरे का उत्पादन हुआ, जिससे आयरन ओर के अलावा कंपनी के विविध खनिज पोर्टफोलियो में और बढ़ोतरी हुई है।

एनएमडीसी के एमडी ने क्या कहा?

एनएमडीसी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अमिताभ मुखर्जी ने कहा: “हमारी पन्ना खदान से 27.29 कैरेट का हीरा मिलना एनएमडीसी के लिए गर्व की बात है। यह हमारी टीमों की लगन और भारत के मिनरल रिसोर्स की क्षमता का सबूत है। हम जिम्मेदारी से माइनिंग करने और अपने अलग-अलग तरह के मिनरल पोर्टफोलियो को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

एनएमडीसी ने 1965 में पन्ना जिले में खोज और शुरुआती हीरा माइनिंग का काम शुरू किया था। कंपनी ने 1966 और 1968 के बीच मझगवां में पन्ना डायमंड प्रोजेक्ट को औपचारिक रूप से अपने हाथ में लिया और शुरुआती स्तर की खुदाई का काम बढ़ाया। मझगवां खदान में कमर्शियल और पूरी तरह से मशीनों से होने वाला प्रोडक्शन 1971-72 में शुरू हुआ।

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