पिता लापता हुए तो नेपाल से भोपाल दौड़ीं दो बेटियां, 1400 किमी का सफर तय कर पहुंचीं; बोलीं- पापा मिलेंगे तभी लौटेंगे
नेपाल की दो बेटियां अनुजा और भूमिका कार्की अपने लापता पिता तेज बहादुर कार्की की तलाश में 1400 किलोमीटर का ...और पढ़ें

लापता पिता का पोस्टर लिए खड़ी दोनों बेटियां।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। पिता के लापता होने की खबर बेटियों को मिली तो उन्होंने दूरी और अनजान शहर की परवाह नहीं की। नेपाल की रहने वाली 24 वर्षीय अनुजा और 18 वर्षीय भूमिका कार्की करीब 1400 किलोमीटर का सफर तय कर भोपाल पहुंच गईं। पिछले चार-पांच दिनों से दोनों बहनें पुलिस के साथ अपने पिता की तलाश में जुटी हैं।
भोपाल उनके लिए बिल्कुल नया शहर है। यहां न कोई परिचित था और न रहने का ठिकाना। लेकिन पिता को खोजने की उम्मीद ने दोनों को हिम्मत दी। भोपाल में मदद के लिए सामने आए नेपाली समाज के लोगों ने उनके रहने और खाने की व्यवस्था की है। साथ ही पुलिस से संपर्क कराने से लेकर पिता की तलाश तक समाज के लोग दोनों बहनों का साथ दे रहे हैं।
ट्रेन में विवाद के बाद लापता
भूमिका और अनुजा के पिता तेज बहादुर कार्की 26 जुलाई को अपने भाई और एक रिश्तेदार के साथ काम की तलाश में पुणे जा रहे थे। इसी दौरान ट्रेन में किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद तेज बहादुर इटारसी स्टेशन के पास ट्रेन से उतर गए।
वहां से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। परिवार ने एक अगस्त को इटारसी थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी पिता का कोई सुराग नहीं लगा।
8 सितंबर को नेपाल से भोपाल पहुंचीं
पिता की तलाश में जब स्थानीय स्तर पर कोई ठोस जानकारी नहीं मिली तो दोनों बहनों ने खुद भोपाल आने का फैसला किया। 8 सितंबर को वे नेपाल से भोपाल पहुंचीं और तब से लगातार पुलिस के संपर्क में हैं।
भोपाल आने के बाद दोनों ने नेपाली समाज के लोगों से संपर्क किया और अपनी स्थिति बताई। समाज ने उनके लिए रहने और भोजन की व्यवस्था कर दी। पुलिस के साथ समन्वय कराने और पिता की तलाश में भी लोग उनकी मदद कर रहे हैं।
‘पिता मिलेंगे, तभी वापस जाएंगे’
दोनों बहनों का कहना है कि उनके लिए अभी सबसे जरूरी अपने पिता को ढूंढना है। अनजान शहर और मुश्किल हालात के बावजूद वे तलाश में जुटी हुई हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक पिता का पता नहीं चल जाता, वे नेपाल वापस नहीं जाएंगी।
पुलिस अब लापता तेज बहादुर कार्की की तलाश में संभावित स्थानों और उपलब्ध सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। बेटियों को उम्मीद है कि जल्द ही उनके पिता का पता चल जाएगा।
आठ-नौ सितंबर के आसपास नेपाल से दो बहनें पिता की तलाश में भोपाल पहुंचीं। उन्हें रहने के लिए जगह दिला दी गई है। समाज ने पिता की तलाश के लिए डीआईजी रेलवे से संपर्क किया और बेटियों को मदद का भरोसा दिया।
- लोकमनी शर्मा, अध्यक्ष, नेपाली समाजतेज बहादुर कार्की के इटारसी स्टेशन से गायब होने की सूचना सभी जगह प्रसारित करा दी है। किसी को भी उनका पता चले तो जरूर बताएं।
-संजय चौकसे, टीआई, जीआरपी इटारसी
