विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

MP Weather: ग्वालियर-चंबल से उज्जैन संभाग तक वेदर सिस्टम का असर, 19 जिलों में आंधी-बारिश के आसार

Published: Fri, 16 Oct 2026 03:30 PM (IST)

मध्य प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। मौसम ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. उत्तरी-पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश संभव।

  2. 19 अक्टूबर तक 19 जिलों में बौछारें और तेज हवाएं।

  3. तीन वेदर सिस्टम से बदलेगा मौसम, बढ़ेगी बारिश की गतिविधियां।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में कहीं-कहीं बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा, लेकिन ग्वालियर और सतना में दिनभर बादल छाए रहे। पिछले 24 घंटों के दौरान चंबल संभाग के कुछ स्थानों और उज्जैन संभाग के कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई। मेहगांव में सर्वाधिक 15 मिमी, अंबाह में 14.6 मिमी, मल्हारगढ़ में 12 मिमी और श्योपुर में 5 मिमी वर्षा हुई। मनासा, विजयपुर, मंदसौर और मुरैना में भी बूंदाबांदी दर्ज की गई।

19 अक्टूबर तक कई जिलों में बारिश के आसार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अगले कुछ दिनों तक अलग-अलग इलाकों में जारी रह सकती हैं।  17 अक्टूबर को ग्वालियर सहित उत्तरी मध्य प्रदेश के करीब 14 जिलों में वर्षा हो सकती है। 18 अक्टूबर को रीवा समेत लगभग 12 जिलों में और 19 अक्टूबर को सतना सहित पूर्वी मध्य प्रदेश के आठ जिलों में बौछारें पड़ने के आसार हैं।

मौसम के इस बदलाव का असर मुख्य रूप से उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में दिखाई दे सकता है।

तीन वेदर सिस्टम से बदलेगा मौसम

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय मौसमी प्रणालियों का असर मध्य प्रदेश तक पहुंच रहा है। जम्मू-कश्मीर और पंजाब के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। वहीं, दक्षिण हरियाणा के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।

इसके अलावा उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश से पूर्वी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र होते हुए अरब सागर तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। मौसम विज्ञानी प्रमेंद्र कुमार के मुताबिक, इन प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

यह भी पढ़ें- MP में मौसम का यू-टर्न: उत्तर-पूर्वी इलाकों में छाए बादल; ग्वालियर-शिवपुरी समेत सात जिलों में बौछारें पड़ने के आसार

रात में कई जगह गर्मी का अहसास 

बारिश की संभावना के बीच प्रदेश के कई शहरों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। गुरुवार को रतलाम और धार में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब तीन डिग्री अधिक दर्ज किया गया। शुक्रवार सुबह तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार, पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से छह डिग्री अधिक था। उमरिया में न्यूनतम तापमान 20.3 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री ऊपर रहा।

रतलाम में रात का तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक था। टीकमगढ़ में न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री और धार में 22 डिग्री दर्ज किया गया। दोनों स्थानों पर तापमान सामान्य से क्रमशः 3.6 और 3.5 डिग्री अधिक रहा।