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MP में SIR के बाद फिर अपडेट होगी वोटर लिस्ट, 10 अक्टूबर तक मौका; कांग्रेस रखेगी हर नाम पर पैनी नजर

Published: Sun, 04 Oct 2026 04:45 PM (IST)

मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक जारी है। ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. मप्र में मतदाता सूची में नाम जोड़ने की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर।

  2. कांग्रेस ने बूथ लेवल एजेंटों को निगरानी के लिए सक्रिय किया।

  3. SIR में हटाए गए 33 लाख नामों की कांग्रेस करेगी जांच।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची में नाम जुड़ने की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जिन मतदाताओं का नाम SIR के दौरान सूची में शामिल होने से छूट गया है या जो 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, वे मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए 10 अक्टूबर तक आवेदन लिए जाएंगे।

नाम जोड़ने की इस प्रक्रिया पर प्रदेश कांग्रेस भी नजर रखेगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जिला और विधानसभा स्तर की समितियों को बूथ लेवल एजेंट (BLA) सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी का कहना है कि बूथ एजेंट यह निगरानी करेंगे कि मतदाता सूची में किसी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल न हो।

पुराने नामों से होगा मिलान

कांग्रेस ने यह भी निर्देश दिया है कि एसआईआर के दौरान अपात्र बताकर जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे, उनमें से यदि किसी का नाम दोबारा जुड़ता है तो उसकी अलग सूची तैयार की जाए। बूथ लेवल एजेंट नई जुड़ने वाली सूची का पुरानी मतदाता सूची से मिलान करेंगे।

इसके आधार पर कांग्रेस जिला स्तर पर रिपोर्ट तैयार करेगी। पार्टी का कहना है कि इस रिपोर्ट का इस्तेमाल एसआईआर में गड़बड़ी के आरोपों के समर्थन में किया जाएगा।

निर्वाचन आयोग ने चलाया विशेष अभियान

मतदाता सूची में नाम छूटने की शिकायतों के बीच भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 10 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रक्रिया में पात्र नए मतदाता भी आवेदन कर सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नाम जोड़ने की प्रक्रिया को गंभीरता से पूरा कराया जाए और पात्र मतदाताओं को इसका लाभ मिले।

जीतू बोले- ‘एसआईआर में करीब 33 लाख नाम हटे’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि एसआईआर के दौरान प्रदेश में करीब 33 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। उनका कहना है कि कांग्रेस ने उस समय भी आपत्ति जताई थी कि ऐसे कई मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो वर्षों से मतदान करते आ रहे हैं।

पटवारी ने मतदाता सूची में एक ही पते पर बड़ी संख्या में नाम दर्ज होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और मनोज शुक्ला ने इस संबंध में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से शिकायत की थी।

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अब बूथ स्तर पर होगी निगरानी

कांग्रेस के निर्देश के बाद जिला और विधानसभा समितियां नए जुड़ने वाले नामों की निगरानी करेंगी। BLA पुरानी सूची से मिलान कर यह पता लगाएंगे कि SIR के दौरान हटाए गए नामों में से कौन-कौन से नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं।

पार्टी की योजना है कि इस पूरी प्रक्रिया का जिलेवार रिकॉर्ड तैयार किया जाए, ताकि मतदाता सूची को लेकर उठाए जा रहे सवालों और आरोपों के लिए तथ्यात्मक आधार तैयार किया जा सके।