MP में मीनाक्षी का नामांकन रद होने पर सियासी संग्राम: निर्वाचन कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस नेता, SC जाने की तैयारी
मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस ने भोपाल और दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी सुप्रीम ...और पढ़ें

निर्वाचन कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस नेता।
HighLights
मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का विरोध।
भोपाल और दिल्ली में कांग्रेस नेताओं ने किया प्रदर्शन, धरने पर बैठे।
कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट जाएगी, विधायकों की भूख हड़ताल की तैयारी।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। राज्यसभा के लिए कांग्रेस की प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद पार्टी पदाधिकारी और विधायक भोपाल में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उधर, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट, जयराम रमेश भूपेश बघेल सहित अन्य पदाधिकारी आपत्ति दर्ज कराने दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी तो वे धरने पर बैठ गए। आयोग ने बुधवार को पार्टी पदाधिकारियों को बुलाया है। वहीं, इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की भी तैयारी है।
भूख हड़ताल करेंगे विधायक
भोपाल स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बुधवार को निर्वाचन आयोग के कार्यालय के बाहर पार्टी के सभी विधायक भूख हड़ताल पर बैठेंगे। सभी जिला कांग्रेस कमेटियां भी इसी तरह उपवास करेंगी। जिस आधार पर नामांकन निरस्त किया गया है, वह मामला ही नहीं बनता है। रिटर्निंग अधिकारी ने सरकार और भाजपा के दबाव में काम किया है। जीतू ने कहा कि यह संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है, जिसे पार्टी पूरी ताकत से लड़ेगी।
सत्ता तंत्र का किया दुरुपयोग : सिंघार
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा ने अपनी सत्ता, दबाव और तंत्र का दुरुपयोग करते हुए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करवा दिया। जब चुनाव मैदान में मुकाबला करने का साहस नहीं बचता, तब भाजपा हथकंडों का दुरुपयोग करती है। आज यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही में विश्वास करती है।
बाद में कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचकर धरना दिया। प्रदेश कार्यालय के बाहर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुतलों के दहन का प्रयास किया। मंदसौर के शामगढ़ में भी प्रदर्शन हुआ।
उधर, राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने पूरे घटनाक्रम को लेकर एक्स पर पोस्ट किया कि अब वोट चोरी से अगले स्तर पर सीट चोरी का सिलसिला शुरू हो गया है। मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन निरस्त नहीं हुआ बल्कि प्रजातंत्र की हत्या हुई है।
दिग्विजय सिंह ने बोलने से मना किया
पत्रकार वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और मीनाक्षी नटराजन ने भी आग्रह किया, फिर भी कुछ नहीं कहा। जबकि, वह मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी के बाद से लगातार सक्रिय रहे। विधायक दल की बैठक में उपस्थित रहने के साथ मंगलवार को विधानसभा में भी बैठे रहे।
