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ChatGPT पर सरकारी फाइल अपलोड की तो फंसेंगे पुलिसकर्मी, वर्दी वाली Reel पर भी रोक, MP पुलिस मुख्यालय ने जारी की गाइडलाइन

Published: Tue, 22 Sep 2026 07:52 PM (IST)

पुलिस मुख्यालय ने ड्यूटी के दौरान या बाद में वर्दी में रील बनाने और चैटजीपीटी पर शासकीय जानकारी अपलोड करने ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. वर्दी में रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई।

  2. चैटजीपीटी पर शासकीय जानकारी अपलोड करना प्रतिबंधित।

  3. गोपनीय जांच, सरकारी नीति पर टिप्पणी पर भी रोक।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। ड्यूटी के दौरान या बाद में वर्दी या अशोभनीय वेशभूषा में रील बनाकर इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पुलिस रेगुलेशन एक्ट और सिविल सेवा आचरण संहिता के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस से लेकर निलंबन जैसी कार्रवाई हो सकती है। वह चैटजीपीटी या अन्य माध्यमों में भी शासकीय जानकारी अपलोड नहीं कर सकेंगे।

इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने 24 बिंदुओं वाली गाइडलाइन जारी की है। बता दें कि प्रदेश में वर्दी में रील बनाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस मुख्यालय ने यह गाइडलाइन केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के आलोक में जारी की है।

गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि विभागाध्यक्ष द्वारा इंटरनेट मीडिया और मीडिया संवाद को लेकर जारी निर्देशों का उल्लंघन गंभीरता से लिया जाएगा। मामले की प्रकृति के अनुसार संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में संबंधित अधिकारी और उसके नियंत्रण अधिकारी के विरुद्ध भी उपचारात्मक या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

गाइडलाइन में पुलिसकर्मियों को गिरफ्तारी, छापे और आपराधिक जांच से जुड़ी जानकारी इंटरनेट मीडिया पर साझा करते समय अधिकतम सावधानी बरतने को कहा गया है। ऐसी जानकारी आवश्यक तथ्यों तक ही सीमित रखनी होगी। कानून-व्यवस्था की घटनाओं और आपराधिक जांच सहित पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई और उपलब्धियों की जानकारी सार्वजनिक नहीं कर सकेंगे।

जांच की प्रक्रिया और भविष्य में की जाने वाली कार्रवाई से संबंधित जानकारी साझा नहीं कर सकेंगे, क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है। संवेदनशील मामलों में अलग-अलग पुलिस अधिकारियों द्वारा अलग-अलग जानकारी दिए जाने से भी बचने को कहा गया है। पुलिस की ओर से जारी जानकारी ऐसी नहीं होनी चाहिए, जिससे किसी मामले को लेकर पूर्व निर्णय या आरोपित को दोषी मानने का संकेत मिले।

निजी अकाउंट से सरकारी नीति पर टिप्पणी भी नहीं

गाइडलाइन के अनुसार सरकारी कर्मचारी अपने इंटरनेट मीडिया खाते से भी सरकारी नीतियों और योजनाओं पर राय व्यक्त नहीं करेंगे। उन्हें सार्वजनिक मंच पर राजनीतिक या धार्मिक बयान देने से बचने की भी हिदायत दी गई है। ऐसा करने पर विभाग की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया जाएगा। गंभीर मामलों में मामले को उचित स्तर पर ले जाकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

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वर्दी और सरकारी संसाधनों का निजी प्रचार में इस्तेमाल नहीं

पुलिसकर्मियों को सरकारी वाहन, कार्यालय, आवास, वर्दी और अन्य सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल व्यक्तिगत छवि बनाने के लिए करने से बचने को कहा गया है। साथ ही विभाग की उपलब्धियों को भी किसी एक अधिकारी के व्यक्तिगत प्रयास या उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करने से बचना होगा।

संवेदनशील ड्यूटी की जानकारी भी नहीं कर सकेंगे साझा

संवेदनशील जिम्मेदारी संभाल रहे पुलिसकर्मियों को अपनी ड्यूटी की सटीक प्रकृति, कार्यस्थल और काम से जुड़ी गतिविधियों का खुलासा इंटरनेट मीडिया पर नहीं करने को कहा गया है। गोपनीय या संवेदनशील जानकारी इंटरनेट पर साझा नहीं की जा सकेगी।