MP: शासकीय विभागों में आउटसोर्स के नाम पर अपनों को उपकृत करने का खेल, बिना विज्ञापन निकाले दे दी नियुक्तियां
मध्य प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ने के बावजूद, सेवानिवृत्त अधिकारियों को उद्यमिता विकास केंद्र (सेडमैप) के माध्यम से आउटसोर्स पर नियुक्त ...और पढ़ें

आउटसोर्स पर नियुक्तियां (प्रतीकात्मक चित्र)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, भोपाल। प्रदेश में एक ओर जहां बेरोजगारी बढ़ रही है, वहीं दूसरे ओर चहेते सेवानिवृत्त अधिकारियों को उद्यमिता विकास केंद्र सेडमैप के माध्यम से आउटसोर्स पर रखा जा रहा है। इसके लिए न तो विज्ञापन निकाले जा रहे हैं और न ही अन्य किसी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। लोक शिक्षण संचालनालय में ऐसा ही मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सरकार से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि विधानसभा में इस मामले को उठाया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने बुधवार को आरोप लगाया कि उद्यमिता विकास केंद्र और लोक शिक्षण संचालनालय ने निजी सर्विस एजेंसी से मिलीभगत कर गलत तरीके से नियुक्तियां दी हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय ने 15 सितंबर 2025 को पीएमश्री योजना के क्रियान्वयन और निगरानी के लिए परियोजना क्रियान्वयन इकाई के गठन का हवाला देकर आठ अधिकारियों को विभिन्न पदों पर नियुक्त करने संबंधी पत्र लिखा। 15 दिसंबर को ओम पारस मैनपावर सर्विस ने नियुक्ति करने संबंधी सूचना दी।
यह भी पढ़ें- MP में 5 साल में 10 लाख किफायती घर : नई आवास नीति 30 दिन में तैयार होगी, बिल्डरों को भी जोड़ा जाएगा
विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि संबंधित पदों के लिए न कोई विज्ञापन जारी हुआ और न ही आनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए। यह युवाओं के हितों पर कुठाराघात है। प्रदेश कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय सहित स्कूल शिक्षा, श्रम, गृह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, लोक शिक्षण संचालनालय एवं पुलिस महानिदेशक को लिखित शिकायत कर उच्च स्तरीय जांच कराने और एफआइआर दर्ज करने की मांग की।
