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MP में 5 साल में 10 लाख किफायती घर : नई आवास नीति 30 दिन में तैयार होगी, बिल्डरों को भी जोड़ा जाएगा

Published: Wed, 11 Feb 2026 09:54 PM (IST)

मध्य प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अगले पांच वर्षों में 10 लाख किफायती आवास बनाएगी। इसके लिए ...और पढ़ें

शहरी आवास योजना (प्रतीकात्मक चित्र)

शहरी आवास योजना (प्रतीकात्मक चित्र)

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संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, भोपाल। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत मध्य प्रदेश में अगले पांच वर्षों में 10 लाख किफायती आवास निर्मित किए जाएंगे। हितग्राहियों को सस्ती दर पर मकान उपलब्ध कराने और बिल्डरों के हितों का संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य सरकार नई किफायती आवास नीति तैयार कर रही है।

इस संबंध में बुधवार को नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय नगर प्रबंधन संस्थान में कार्यशाला आयोजित कर चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर मंथन किया।

30 दिन में नीति का अंतिम प्रारूप

नगरीय विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) भोपाल को निर्देश दिए कि 30 दिनों के भीतर नीति का अंतिम प्रारूप प्रस्तुत किया जाए।

कार्यशाला में पर्यावरणीय संतुलन, सामाजिक स्थिरता और शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। विभिन्न हितधारकों से सुझाव लिए गए।

55 लाख प्रॉपर्टी आईडी डेटा का होगा उपयोग

भोंडवे ने बताया कि विभाग के पास करीब 55 लाख प्रॉपर्टी आईडी का विस्तृत डेटा उपलब्ध है। इसके आधार पर साक्ष्य-आधारित और प्रभावी हाउसिंग पॉलिसी तैयार की जाएगी।

उन्होंने अपर आयुक्त शिशिर गेमावत को निर्देश दिए कि क्रेडाई जैसे संगठनों के माध्यम से निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। नई नीति में आईटी टूल्स के उपयोग से पारदर्शिता और कार्यान्वयन की दक्षता बढ़ाई जाएगी।

सब्सिडी और क्रॉस-सब्सिडी मॉडल पर मंथन

कार्यशाला में नगर निगम आयुक्तों, स्मार्ट सिटी सीईओ, विकास प्राधिकरणों के अध्यक्षों और भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक सीबी चक्रवर्ती ने सुझाव दिए।

डब्ल्यूआरआई इंडिया के सिद्धार्थ त्यागराजन ने आवासीय क्षेत्रों को समग्र सुविधाओं से युक्त बनाने पर जोर दिया। डॉ. साकेत सर्राफ ने ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग की आवश्यकता बताई, जबकि दिशा जैन (सीआईआई, हैदराबाद) ने ग्रीन रेटिंग प्रक्रिया पर विचार साझा किए। डॉ. अपर्णा वेदुला ने आवास आपूर्ति बढ़ाने के लिए क्रॉस-सब्सिडी मॉडल को प्रभावी बताया।

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बिल्डरों को मुफ्त भूमि, 10 लाख होगी एक फ्लैट की लागत

योजना के तहत किफायती आवास निर्माण के लिए बिल्डरों को भूमि निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। एक फ्लैट की अनुमानित लागत 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है।

इसमें केंद्र और राज्य सरकार मिलकर हितग्राही को 2.5 लाख रुपये की सब्सिडी देंगी। लगभग 2 लाख रुपये का ऋण कम ब्याज दर पर बैंकों से उपलब्ध कराया जाएगा। शेष राशि की पूर्ति क्रॉस-सब्सिडी मॉडल से होगी, जिसमें बिल्डर बाजार दर पर फ्लैट और दुकानें बेचकर लागत संतुलित करेंगे।

सरकार का दावा है कि नई नीति लागू होने के बाद शहरी क्षेत्रों में आवास संकट को कम करने और मध्यम एवं निम्न आय वर्ग को राहत देने में मदद मिलेगी।