MP की दहलीज पर मानसून की विदाई रेखा, दिन में गर्मी-रात में घुली हल्की ठंडक; जानिए आगे कैसा रहेगा मौसम
मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो रही है, जिसकी वापसी रेखा ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभागों के ऊपर ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
मानसून वापसी की रेखा ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभागों पर है।
अगले 24 घंटों में अधिकांश MP से मानसून की वापसी संभव।
इस बार प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब विदाई की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून वापसी की रेखा फिलहाल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान से होते हुए मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभागों के ऊपर बनी हुई है। परिस्थितियां अनुकूल रहने पर शुक्रवार-शनिवार से प्रदेश में मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे पीछे हटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है। माना जा रहा है कि सबसे पहले ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग से मानसून विदा होगा। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभागों से भी मानसून की वापसी हो सकती है।
रीवा-जबलपुर में कहीं-कहीं बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के रीवा और जबलपुर संभागों के कुछ जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई। वहीं, शेष सभी संभागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के साथ अब प्रदेश में बारिश का दौर भी थम गया है।
इन मौसम प्रणालियों का असर
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे लगे बिहार के ऊपर समुद्र तल से करीब 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दक्षिण-पूर्वी राजस्थान तक 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर ट्रफ सक्रिय है।
इन प्रणालियों के प्रभाव से अगले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम में स्थानीय बदलाव देखने को मिल सकता है, लेकिन व्यापक स्तर पर बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है।
MP में अब तक 35.8 इंच बारिश
दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान इस बार मध्य प्रदेश में अब तक 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य औसत 949.5 मिलीमीटर (37.3 इंच) से करीब 1.5 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से 4 प्रतिशत कम रही है।
क्षेत्रवार स्थिति देखें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा है।
कहां से गुजर रही मानसून वापसी की रेखा?
मौसम विभाग के अनुसार मानसून वापसी की रेखा वर्तमान में गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया होते हुए 23.0°N/67.8°E तक बनी हुई है। अगले 24 घंटों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों के साथ गुजरात व मध्य प्रदेश के अधिकांश भागों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।
यानी अब मध्य प्रदेश में मानसून के विदा होने का काउंटडाउन शुरू हो गया है अगले चार-पांच दिन मौसम शुष्क रहने का ही अनुमान है।
