MP Weather: मानसून की विदाई का काउंटडाउन शुरू, रात में होगी गुलाबी ठंड; आज बैतूल-मंडला समेत 8 जिलों में पड़ सकती हैं फुहारें
मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अगले एक-दो दिनों में शुरू होने वाली है, जिससे दिन गर्म और रातें ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब विदाई की ओर बढ़ रहा है। नौ दिन की देरी से डिंडौरी और बालाघाट के रास्ते प्रदेश में दाखिल हुआ मानसून अब उसी रास्ते से लौटने की तैयारी में है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले एक से दो दिन में मानसून की वापसी मध्य प्रदेश में शुरू होने की संभावना है। सबसे पहले ग्वालियर और उज्जैन संभाग से मानसून विदा होगा और करीब 5 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से इसकी वापसी हो सकती है।
मानसून की विदाई के साथ मौसम के मिजाज में भी बदलाव देखने को मिलेगा। अक्टूबर में दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी, जबकि रात के समय हल्की ठंडक का अहसास शुरू हो जाएगा। यानी प्रदेश में दिन में गर्मी और रात में गुलाबी ठंड का दौर शुरू होने वाला है।
राजस्थान-मध्य प्रदेश सीमा पर अटका मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा इस समय राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा के आसपास बनी हुई है। यह श्योपुर, मुरैना और नीमच की सीमा को छू रही है। अगले 48 घंटे में परिस्थितियां मानसून की आगे वापसी के लिए अनुकूल रहने की संभावना है।
देश के कई हिस्सों से भी मानसून के लौटने की परिस्थितियां बन रही हैं। मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के साथ राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों और उत्तर भारत के कई क्षेत्रों से मानसून की वापसी के लिए मौसम अनुकूल होने का अनुमान है।
पूर्वी MP में सामान्य से ज्यादा बारिश
इस मानसून सीजन में प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश का प्रदर्शन बेहतर रहा। यहां 1083.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 1043.4 मिलीमीटर है। यानी पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई।
विंध्य और बुंदेलखंड के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में मानसून कमजोर रहा। पश्चिमी हिस्से में सामान्य 877.3 मिलीमीटर के मुकाबले सिर्फ 773.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 12 प्रतिशत कम है। मालवा-निमाड़ और मध्य नर्मदा घाटी के कई जिलों में बारिश की कमी का असर साफ दिखाई दिया।
मऊगंज में सबसे ज्यादा वर्षा, आलीराजपुर सर्वाधिक सूखा
प्रदेश में कुल बारिश के मामले में मऊगंज सबसे आगे रहा। यहां 1506 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 54 प्रतिशत अधिक है। वहीं प्रतिशत के लिहाज से निवाड़ी में सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक बारिश हुई।
दूसरी ओर आलीराजपुर में सामान्य से 51 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। यहां पूरे मानसून सीजन में महज 426 मिलीमीटर पानी गिरा। धार, झाबुआ, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल में भी सामान्य से 30 से 40 प्रतिशत तक कम वर्षा दर्ज हुई।
पूरे प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4% कम
मध्य प्रदेश में 1 जून से 30 सितंबर तक कुल 908.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य वर्षा का आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर है। इस तरह प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान कुल बारिश सामान्य से 4 प्रतिशत कम रही।
आज इन जिलों में बारिश के आसार
पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। वहीं आज बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है। प्रदेश के बाकी जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।
यह भी पढ़ें- MP Weather: मानसून की विदाई जल्द, आज 13 जिलों में हल्की बारिश के आसार; धूप खिलने से उछलने लगा पारा
अक्टूबर में दिन गर्म, रातें सुहानी
मौसम विभाग के अनुसार अक्टूबर में प्रदेश में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जबकि रात का तापमान 19 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। ऐसे में दिन के समय गर्मी और उमस बढ़ सकती है, वहीं रात में हल्की ठंडक के साथ गुलाबी ठंड का अहसास शुरू होगा।
