MP में अब तक 96% वर्षा, पूर्वी हिस्से में जमकर बरसे मेघ; जानिए आगे कैसा रहेगा मौसम
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के साथ बारिश में कमी आई है, अगले चार दिनों तक भारी वर्षा की ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
अगले चार दिनों तक भारी बारिश की कोई संभावना नहीं।
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 फीसदी अधिक वर्षा।
पश्चिमी मप्र में अब तक 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बीच बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगी है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिनों तक प्रदेश के किसी भी जिले में भारी या अति भारी बारिश होने का अनुमान नहीं है। हालांकि, सोमवार को प्रदेश के सभी जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।
वहीं, अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश में बारिश का दौर कमजोर पड़ने के साथ गर्मी का असर बढ़ सकता है।
पूर्वी MP में औसत से ज्यादा बारिश, पश्चिमी हिस्सा अपेक्षाकृत सूखा
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस मानसून सीजन में 1 जून से 28 सितंबर तक मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत के मुकाबले 4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश के आंकड़ों में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के बीच अंतर देखने को मिला है। जहां पूर्वी हिस्से में मेघ ज्यादा मेहरबान रहे, वहीं पश्चिमी मप्र में कम बारिश देखने को मिली है।
पूर्वी मध्य प्रदेश: दीर्घावधि औसत से 4 प्रतिशत अधिक बारिश।
पश्चिमी मध्य प्रदेश: दीर्घावधि औसत से 11 प्रतिशत कम बारिश।
पूरा मध्य प्रदेश: औसत से 4 प्रतिशत कम बारिश।
ग्वालियर-जबलपुर में हल्की वर्षा, रीवा-शहडोल में तेजी से बढ़ा पारा
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर और जबलपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के शेष संभागों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा।
इस दौरान अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। ग्वालियर और जबलपुर संभाग के जिलों में पारा 3.4 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा। वहीं, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान में 5 से 6.3 डिग्री सेल्सियस तक की विशेष बढ़ोतरी हुई। अन्य संभागों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के सभी जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। हालांकि, अगले चार दिनों में किसी भी जिले में भारी या अति भारी बारिश का अनुमान नहीं है। मौसम के इस बदलाव के बीच लोगों को आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
यह भी पढ़ें- MP Weather: रुक-रुककर वर्षा का दौर जारी, भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ पड़ सकती हैं बौछारें
यहां सक्रिय है वेदर सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों से होकर गुजर रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। इन मौसमी परिस्थितियों के बीच मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने और अधिकतम तापमान में अगले तीन दिनों के दौरान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक क्रमिक बढ़ोतरी होने का अनुमान है। यानी प्रदेश में मानसून की विदाई के साथ अब गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
