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MP में 6 प्रतिशत कम वर्षा, भोपाल-ग्वालियर समेत 22 जिलों में औसत से ज्यादा पानी गिरा, आलीराजपुर में कोटे से आधी बारिश

Published: Tue, 15 Sep 2026 04:28 PM (IST)

मध्य प्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर है, जहां कुल बारिश सामान्य से 6% कम दर्ज की गई है। ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से 6% कम दर्ज हुई।

  2. भोपाल समेत 22 जिलों में औसत से अधिक वर्षा हुई।

  3. आलीराजपुर में सामान्य से 49% कम बारिश हुई।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश में और आसपास फिलहाल कोई प्रभावी वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसके चलते अगले कुछ दिनों में अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 15 सितंबर तक प्रदेश में 838 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 894.4 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी। यानी पूरे प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 6 प्रतिशत कम है। हालांकि जिलों की स्थिति देखें तो मानसून का असर बेहद असमान रहा है। भोपाल और ग्वालियर समेत 22 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है, जबकि 33 जिले अब भी सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे हैं।

आलीराजपुर में कोटे से आधी बारिश

बारिश के लिहाज से आलीराजपुर सबसे पिछड़े जिलों में है। यहां सामान्य से 49 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इसके अलावा धार और नर्मदापुरम में 35-35 प्रतिशत, झाबुआ में 32 प्रतिशत तथा बैतूल और हरदा में 31-31 प्रतिशत बारिश कम हुई है।

रतलाम में सामान्य से 33 प्रतिशत, उज्जैन में 25 प्रतिशत, जबकि रायसेन, विदिशा और शाजापुर में 20-20 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। वहीं शिवपुरी और भिंड में सामान्य से 27-27 प्रतिशत अधिक पानी बरसा है।

पूर्वी MP में मानसून मेहरबान, निवाड़ी-मऊगंज सबसे आगे

पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य के काफी करीब रही है। यहां अब तक 967.2 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 983.2 मिमी है। यानी कमी महज 2 प्रतिशत है।

निवाड़ी में 1157 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 55 प्रतिशत ज्यादा है। यह प्रदेश में सामान्य के मुकाबले सबसे अधिक बारिश वाला जिला है। वहीं मऊगंज में 1394.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई, जो सामान्य से 54 प्रतिशत अधिक है। सतना में 1291.6 मिमी (+45%) और सिंगरौली में 1051.6 मिमी (+30%) बारिश हुई है।

शहडोल में सामान्य से 18 प्रतिशत, मैहर में 15 प्रतिशत और सीधी में 14 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। हालांकि पूर्वी क्षेत्र के ही छिंदवाड़ा में 25 प्रतिशत और जबलपुर में 18 प्रतिशत बारिश कम हुई है।

पश्चिमी MP में 11 फीसदी बारिश कम

पश्चिमी मध्य प्रदेश में मानसून का प्रदर्शन पूर्वी हिस्से की तुलना में कमजोर रहा। यहां 738.9 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 826.1 मिमी है। यानी पश्चिमी MP में बारिश सामान्य से 11 प्रतिशत कम है।

यही अंतर प्रदेश के कुल बारिश के आंकड़े को भी प्रभावित कर रहा है। पूर्वी हिस्से में जहां कई जिलों में सामान्य से काफी ज्यादा पानी बरसा, वहीं पश्चिमी जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है।

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भोपाल में सामान्य से 12 फीसदी ज्यादा बारिश

राजधानी भोपाल में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 12 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश के 22 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है, जबकि 33 जिले अभी भी औसत आंकड़े से पीछे हैं।

अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। इसके चलते अगले चार दिनों तक भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है। अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मानसून की विदाई के साथ अब बारिश की गतिविधियों में लगातार कमी आने के आसार हैं।

एक नजर में बारिश का ब्यौरा

मध्य प्रदेश: 838 मिमी | सामान्य 894.4 मिमी | 6% कम
पूर्वी मध्य प्रदेश: 967.2 मिमी | सामान्य 983.2 मिमी | 2% कम
पश्चिमी मध्य प्रदेश: 738.9 मिमी | सामान्य 826.1 मिमी | 11% कम
सबसे ज्यादा कुल बारिश: मऊगंज — 1394.4 मिमी
सामान्य से सबसे ज्यादा बारिश: निवाड़ी — 55% अधिक
सबसे ज्यादा कमी: आलीराजपुर — 49% कम