MP में 1 अक्टूबर से फिर शुरू होगी जंगल सफारी, अब सभी टाइगर रिजर्व में एक जैसा होगा टाइम; गाड़ी पर HSRP जरूरी
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए खुल जाएंगे। इस बार सभी टाइगर ...और पढ़ें

टाइगर सफारी। (फाइल फोटो)
HighLights
1 अक्टूबर से मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व खुलेंगे।
सभी टाइगर रिजर्व में सफारी का समय अब एक समान रहेगा।
सफारी वाहनों के लिए HSRP और हार्वेस्ट ग्रीन रंग अनिवार्य।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में वन्यजीव और जंगल की सैर का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। वर्षा ऋतु के दौरान बंद रहे प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व 1 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे। इस बार सफारी व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया गया है। प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में सफारी के समय को एक समान कर दिया गया है, ताकि अलग-अलग समय को लेकर पर्यटकों में होने वाली असमंजस की स्थिति खत्म हो सके।
नई व्यवस्था के तहत सुबह की टाइगर सफारी सुबह 6 बजे से 11:30 बजे तक, जबकि शाम की सफारी दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। यह समय प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में समान रूप से लागू रहेगा।
सभी टाइगर रिजर्व में अब एक जैसा सफारी टाइम
अब तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित टाइगर रिजर्व में सफारी के समय में अंतर रहता था। इसके कारण पर्यटकों को समय को लेकर भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ता था। इस संबंध में वन विभाग को पर्यटकों से शिकायतें भी मिली थीं।
वन विभाग ने इसी को देखते हुए सभी टाइगर रिजर्व में सफारी के समय में एकरूपता लाने का निर्णय लिया है।
सूर्योदय-सूर्यास्त के अंतर से अलग था समय
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में करीब 15 मिनट का अंतर रहता है। प्रदेश में सबसे पहले सूर्योदय सिंगरौली क्षेत्र में होता है, जबकि पश्चिमी हिस्से में अपेक्षाकृत देर से सूर्योदय होता है।
इसी भौगोलिक अंतर के कारण पहले अलग-अलग टाइगर रिजर्व में सफारी का समय अलग निर्धारित किया जाता था। पृथ्वी के देशांतर में एक डिग्री के अंतर से समय में करीब चार मिनट का अंतर आता है। अब पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस अंतर के बावजूद सफारी का समय एक समान रखा गया है।
वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य
टाइगर सफारी के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों को लेकर भी नियम सख्त किए गए हैं। अब हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के बिना किसी सफारी वाहन को टाइगर रिजर्व में प्रवेश नहीं मिलेगा।
इसके अलावा सफारी वाहन का परिवहन विभाग में पंजीकृत होना अनिवार्य रहेगा। वन विभाग के अनुसार पर्यटकों से मिली शिकायतों के बाद वाहनों की पहचान और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
हार्वेस्ट ग्रीन रंग की ही होंगी सफारी गाड़ियां
टाइगर रिजर्व में चलने वाले सफारी वाहनों के लिए रंग भी निर्धारित किया गया है। सभी वाहन हार्वेस्ट ग्रीन रंग के ही होंगे। साथ ही वाहन की मूल लंबाई और चौड़ाई में किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।
टाइगर रिजर्व के प्रवेश द्वारों पर वाहनों की जांच के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे। केवल निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले वाहनों को ही पर्यटकों को सफारी कराने की अनुमति दी जाएगी।
गाइड और ड्राइवरों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
पर्यटकों को बेहतर और सुरक्षित सफारी अनुभव देने के लिए गाइड और सफारी वाहन चालकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके जरिए वन्यजीवों के व्यवहार, पर्यटकों की सुरक्षा और रिजर्व के नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया जाएगा।
1 अक्टूबर से शुरू होने वाले नए पर्यटन सीजन में समय की एकरूपता, वाहनों की सख्त जांच और प्रशिक्षित गाइड-ड्राइवरों के जरिए टाइगर सफारी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने की तैयारी है।
सभी राष्ट्रीय उद्यान, टाइगर रिजर्व के सुबह व सायं की सफारी के समय में एकरूपता की गई है। साथ ही सभी टाइगर रिजर्व प्रबंधन को टाइगर सफारी में उपयोग किए जाने वाले वाहनों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं ताकि एक अक्टूबर से पर्यटन शुरू होने पर पर्यटकों को परेशानी न हो।
- डॉ. समीता राजौरा, मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, मप्र वन।
