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भोपाल-मंदसौर से कटनी-सिंगरौली तक बनेंगे पांच नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, सड़क नेटवर्क को मिलेगी रफ्तार

Published: Thu, 05 Nov 2026 11:21 PM (IST)

मध्य प्रदेश सरकार ₹63,296 करोड़ की लागत से 1,398 किलोमीटर के पांच नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर विकसित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. पांच नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होंगे विकसित, कुल 1,398 किमी लंबा।

  2. परियोजनाओं पर ₹63,296 करोड़ खर्च होंगे, कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

  3. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यवहार्यता रिपोर्ट को दी मंजूरी।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए सरकार पांच बड़े ग्रीनफील्ड कॉरिडोर विकसित करने जा रही है। इन परियोजनाओं पर करीब 63,296 करोड़ रुपये खर्च होंगे और कुल 1,398 किलोमीटर लंबा चार लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड सड़क नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इससे प्रदेश के प्रमुख शहरों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों के बीच आवागमन तेज और सुगम होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की 49वीं बैठक में इन पांचों परियोजनाओं की व्यवहार्यता रिपोर्ट (फीजिबिलिटी रिपोर्ट) तैयार करने की अनुमति दी गई। रिपोर्ट में परियोजनाएं उपयुक्त पाए जाने पर इनके विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। बैठक में कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले कंबाइन हार्वेस्टर को निगम के टोल प्लाजा पर शुल्क से छूट देने का फैसला भी लिया गया।

इन पांच रूट पर विकसित होंगे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर

सरकार जिन पांच कॉरिडोर को विकसित करने की तैयारी कर रही है, उनमें भोपाल-मंदसौर, सागर-सतना, जबलपुर-आशापुर, भोपाल-ग्वालियर और कटनी-सिंगरौली मार्ग शामिल हैं।

इनमें भोपाल-मंदसौर, सागर-सतना और जबलपुर-आशापुर कॉरिडोर के लिए सलाहकारों के माध्यम से व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वहीं, भोपाल-ग्वालियर और कटनी-सिंगरौली कॉरिडोर के लिए डीपीआर तैयार करने वाले सलाहकारों के चयन की निविदा प्रक्रिया जारी है।

निर्माणाधीन सड़कों को जल्द पूरा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में निर्माणाधीन सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, ग्रामीण विकास, उद्योग और हाउसिंग बोर्ड जैसे विभाग आपसी समन्वय बनाकर सड़क निर्माण से जुड़े संभावित कार्यों पर एक साथ काम करें। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

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राजमार्ग निधि का नाम बदलेगा, निगम में नए पद भी बनेंगे

बैठक में सड़क विकास निगम से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। निगम की राजमार्ग निधि का नाम बदलकर 'विकसित मध्य प्रदेश संकल्प पथ' करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा जावरा-नयागांव फोरलेन परियोजना में 100 प्रतिशत इक्विटी के विनिवेश को स्वीकृति दी गई।

निगम के कामकाज को मजबूत करने के लिए दो मुख्य अभियंता, तीन महाप्रबंधक और पांच उप महाप्रबंधक के नए पद सृजित करने की मंजूरी भी दी गई। साथ ही विधि सहायक का मानदेय बढ़ाने, पीएएम भवन के अधिग्रहण और स्वतंत्र संचालक की नियुक्ति को स्वीकृति मिली।

ऋण के माध्यम से उन्नयन की जाने वाली सड़क परियोजनाओं का स्वामित्व सड़क विकास निगम को सौंपने का फैसला भी किया गया। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पांच प्रस्तावित कॉरिडोर की लंबाई

भोपाल-मंदसौर -258 किलोमीटर
सागर-सतना -227 किलोमीटर
जबलपुर-आशापुर -358 किलोमीटर
भोपाल-ग्वालियर -320 किलोमीटर
कटनी-सिंगरौली -235 किलोमीटर

 

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