MP में 25 साल बाद बदलेगा नियम, सरकारी नौकरी के लिए दो से अधिक बच्चे भी नहीं बनेंगे बाधा
मध्य प्रदेश सरकार 25 साल बाद सरकारी नौकरी के लिए दो से अधिक बच्चों की शर्त हटाने जा रही है। ...और पढ़ें

अब तीन बच्चों वाले अभिभावकों को शासकीय नौकरी में नहीं होगी दिक्कत (AI Generated image)
HighLights
मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी हेतु दो बच्चों का नियम हटेगा।
वरिष्ठ सचिव समिति ने नियम संशोधन प्रस्ताव को हरी झंडी दी।
2001 से लागू यह प्रावधान अब कैबिनेट में जाएगा।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी सेवा के लिए दो से अधिक बच्चे अब बाधा नहीं बनेंगे। इससे अधिक बच्चे होने पर भी नौकरी पाने की पात्रता रहेगी। इसके लिए सरकार शासकीय सेवा के लिए अधिकतम दो बच्चों की शर्त 25 साल बाद हटाने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने विधि विभाग से परामर्श के बाद नियम में संशोधन का जो प्रस्ताव तैयार किया था, उसे मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिव समिति ने हरी झंडी दे दी है। अब इसे अंतिम निर्णय के लिए आगामी कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।
2001 से लागू है नियम
मध्य प्रदेश में 26 जनवरी 2001 से यह प्रावधान है कि तीसरा बच्चा होने पर सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी, साथ ही जो पहले से नौकरी में होंगे और निर्धारित अवधि के बाद तीसरी संतान होने पर सेवा समाप्त हो जाएगी। इसके कारण शिक्षक सहित अन्य संवर्ग के कर्मचारियों को नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा। अभी भी कुछ प्रकरण विचाराधीन है।
राजस्थान, छग में पहले ही हटी बंदिश
हाल ही में स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर इससे संबंधित जानकारी जिलों से मांगी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह प्रावधान तब किया था, जब प्रजनन दर अधिक थी। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी इस तरह का प्रविधान था, लेकिन उसे हटाया जा चुका है।
इसलिए तैयार किया संशोधन प्रस्ताव
उल्लेखनीय है कि सितंबर 2025 में जारी सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) बुलेटिन 2023 के अनुसार, मध्य प्रदेश की सकल प्रजनन दर 2.4 है, यानी एक दंपती औसतन 2.4 बच्चे पैदा रहा है। हालांकि, शहरी क्षेत्र में यह दर 1.8 और ग्रामीण क्षेत्र की 2.6 है। राष्ट्रीय स्तर पर यह दर 1.9 है। इस देखते हुए सरकार ने भी अन्य राज्यों के प्रविधान का अध्ययन कराकर नियम में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कराया। बता दें, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत भी प्रजनन दर के हवाले से लगातार तीन बच्चों की बात उठा रहे हैं।
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विभिन्न विभागों के कर्मियों को होगा लाभ
मध्य प्रदेश में स्कूल, उच्च, चिकित्सा शिक्षा सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को नए प्रावधान का लाभ होगा। दरअसल, वर्तमान प्रावधान के कारण कई कर्मचारी नौकरी के लिए अपात्र हो गए और उनकी सेवाएं समाप्त हो गईं। हालांकि, जिन कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी है, उन्हें नए प्रावधान से कोई राहत नहीं मिलेगी, क्योंकि निर्णय को पुरानी तिथि से लागू नहीं किया जाएगा।
