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MP में घरेलू बिजली के बढ़े दाम, टैरिफ में 4.8% इजाफा, जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

Published: Thu, 26 Mar 2026 08:11 PM (IST)Updated: Fri, 27 Mar 2026 05:45 PM (IST)

मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से बिजली महंगी हो जाएगी। विद्युत नियामक आयोग ने औसत 4.80% की वृद्धि को मंजूरी ...और पढ़ें

बिजली बिल में होगा इजाफा (प्रतीकात्मक चित्र)

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संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में एक अप्रैल से बिजली महंगी हो जाएगी। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने गुरुवार को बिजली की नई दरें घोषित कर दी हैं। आयोग ने औसत 4.80 प्रतिशत दर की वृद्धि को मंजूर किया है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मासिक खपत करने पर 80 रुपये अधिक देने होंगे। ऊर्जा प्रभार में सभी श्रेणी के उपभोक्ता पर 26 पैसे बढ़ाए गए हैं। फिक्स चार्ज में श्रेणीवार वृद्धि की गई है।

10.19 प्रतिशत वृद्धि का दिया था प्रस्ताव

अलबत्ता, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली कंपनियों ने मप्र विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजकर 10.19 प्रतिशत औसत वृद्धि की मांग की थी। इसके लिए कंपनी ने 6044 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया था। इसके बाद आयोग ने जनसुनवाई में आईं आपत्तियों के आधार पर औसत 4.80 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूर किया है।

नए टैरिफ के अनुसार, घरेलू उपभोग में औसत पांच प्रतिशत, निम्न दाब उद्योग के लिए चार व उच्च दाब के लिए 4.18 और कृषि के लिए 5.2 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब तक सरकार की तरफ 150 यूनिट तक मासिक खपत होने पर 584 रुपये की सब्सिडी मिलती है, उसे यथावत रखा गया है। स्मार्ट मीटर वाले घरेलू उपभोक्ताओं को दिन में बिजली उपयोग पर ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट भी जारी रखी गई है।

सिर्फ मप्र में की गई है वृद्धि

मध्य प्रदेश ही पहला राज्य है, जिसमें बिजली के दाम बढ़े हैं। बिजली मामलों के जानकार सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार, ओडिशा, बंगाल और तेलंगाना में बिजली टैरिफ नहीं बढ़ा है। बल्कि आंध्र, बिहार और तेलंगाना ने बिजली की दर में कमी की है।

नए टैरिफ में खास बातें

निम्न आय वर्ग को राहत बरकरार
नए टैरिफ के अनुसार, निम्न दाब (एलवी-1) और ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पहले से लागू राहत जारी रहेगी। इसके साथ ही 100 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को पूर्व की तरह रियायत का लाभ मिलता रहेगा।

कृषि और छोटे उपभोक्ताओं के लिए प्रावधान जारी
आयोग ने कृषि कार्य से जुड़े उपभोक्ताओं, छोटे अस्थायी उपभोक्ताओं तथा मेट्रो रेल श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए भी पूर्ववत प्रविधान जारी रखने का निर्णय लिया है। इससे इन वर्गों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा।

उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए बदलाव

उच्च दाब (एचटी) और अति उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए बिलिंग व्यवस्था में संशोधन किया गया है। अब केडब्ल्यूएच (किलोवाट आवर) आधारित बिलिंग लागू रहेगी, वहीं अधिकतम मांग से संबंधित प्रविधानों में भी आंशिक बदलाव किए गए हैं।

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छूट और प्रोत्साहन योजनाएं जारी रहेंगी

  • आयोग ने विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए छूट और प्रोत्साहन योजनाओं को जारी रखा है।
  • सोलर व ग्रीन ऊर्जा उपभोक्ताओं को प्रोत्साहन।
  • ऑनलाइन भुगतान पर छूट।
  • पावर फैक्टर सुधार पर प्रोत्साहन।
  • ऑफ पीक आवर्स में उपयोग बढ़ाने के लिए रियायत।

जानिए आप पर कितना पड़ेगा असर

  • 100 यूनिट खपत पर 31 रुपये की वृद्धि
  • 200 यूनिट खपत पर 80 रुपये की वृद्धि
  • 300 यूनिट खपत पर 118 रुपये की वृद्धि

(नोट- ऊर्जा प्रभार और नियत प्रभार की बढ़ोतरी के आधार पर बिल अप्रैल से बिजली के नए दाम के अनुसार आएंगे)

मासिक खपत (यूनिट), ऊर्जा शुल्क (पैसे/यूनिट), शहरी फिक्स्ड चार्ज, ग्रामीण फिक्स्ड चार्ज-
0-50 यूनिट, 4.71, 81 प्रति कनेक्शन, 67 प्रति कनेक्शन
51–150 यूनिट, 5.67, 134 प्रति कनेक्शन, 111 प्रति कनेक्शन
151–300 यूनिट, 7.05, 30 प्रति 0.1 किलो वाट, 28 प्रति 0.1 किलो वाट
300 यूनिट से अधिक, 7.24, 30 प्रति 0.1 किलो वाट, 28 प्रति 0.1 किलो वाट

खपत स्लैब, मौजूदा टैरिफ, नया टैरिफ, अंतर-
0-50 यूनिट, 4.45, 4.71, 0.26
51-150 यूनिट, 5.41, 5.67, 0.26
151-300 यूनिट, 6.79, 7.05, 0.26
300 यूनिट, 6.98, 7.24, 0.26