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MP में शासकीय कर्मचारियों-पेंशनरों को बड़ी राहत, जल्द लागू होगी 20 लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना

Published: Fri, 27 Mar 2026 07:22 PM (IST)

मध्य प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 20 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने जा ...और पढ़ें

कैशलेस स्वास्थ्य बीमा (AI Generated Image)

कैशलेस स्वास्थ्य बीमा (AI Generated Image)

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संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबे समय से चली आ रही कर्मचारियों-पेंशनरों की स्वास्थ्य बीमा योजना की मांग सरकार पूरी करने जा रही है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कैशलेस स्वास्थ्य बीमा का जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसे कुछ संशोधन के निर्देश के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिव समिति की स्वीकृति मिल गई है। अब इसे अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।

देना होगा मामूली अंशदान

इस योजना में 20 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा रहेगा। पहले यह 35 लाख रुपये प्रस्तावित था। बीमा के लिए कर्मचारियों से मूल वेतन का एक प्रतिशत और पेंशनरों से चार प्रतिशत अंशदान (प्रीमियम) प्रतिमाह लिया जाएगा। योजना के दायरे में प्रदेश के 11 लाख से अधिक कर्मचारी और पेंशनर आएंगे।

हितग्राही का बनेगा डिजिटल कार्ड

राजस्थान और हरियाणा की तर्ज पर मध्य प्रदेश सरकार यह स्वास्थ्य बीमा योजना ला रही है। इसमें हितग्राही का फोटोयुक्त यूनिक आईडी डिजिटल कार्ड बनाया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार योजना का संचालन राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा किया जाएगा, जिसमें कानूनी, बीमा क्षेत्र और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ रहेंगे।

क्लेम प्रोसेसिंग, हेल्थ पैकेज, अस्पतालों की संबद्धता आदि काम देखने के लिए तकनीकी टीम भी रहेगी। टास्क फोर्स का गठन भी किया जाएगा, जो योजना की समीक्षा और नीतिगत निर्णय से जुड़े मामले देखेगी। कर्मचारी पति-पत्नी, माता-पिता, आश्रित दो बच्चे, दत्तक बच्चे, तलाकशुदा पुत्री और पेंशनर पति और उसकी पत्नी या पेंशनर पत्नी और उसके पति इसके लिए पात्र होंगे।

ऐसी रहेगी व्यवस्था

  • पात्र हितग्राही का पंजीयन एमपी राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम लिमिटेड (एमपीएसईडीसी) के माध्यम से होगा।
  • आश्रितों की जानकारी का अनुमोदन कार्यालय प्रमुख करेंगे।
  • हितग्राही के लिए प्रत्येक वर्ष आश्रितों की जानकारी का सत्यापन अनिवार्य रहेगा।
  • पेंशनर का पंजीयन पेंशनर कोड के आधार पर होगा। कार्ड में पेशनर के पे-बैंड और विभाग का उल्लेख भी रहेगा।
  • बीमित कर्मचारी को ओपीडी, दवा और उपकरण के लिए 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष मिलेंगे। उपकरण और इंप्लांट का व्यय सीजीएचएस पैकेज दरों के अनुसार होगा।

आपातकालीन स्थितियों में असंबद्ध अस्पतालों के लिए प्रतिपूर्ति

आपातकालीन परिस्थितियों में असंबद्ध अस्पतालों में भी उपचार कराया जा सकेगा। इसमें होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति की जाएगी। योजना में राज्य के सभी आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पताल, भारत सरकार की स्वास्थ्य योजना से जुड़े अस्पताल, राज्य के बाहर के चिह्नित उच्च गुणवत्ता वाले अस्पताल शामिल होंगे।

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