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मदरसों में हिंदू बच्चों को तालीम देने के मामले में आज जवाब दे सकती है मध्य प्रदेश सरकार, इस बारे में शासन स्तर पर चुप्पी

मध्य प्रदेश के मदरसों में हिंदू बच्चों को दी जा रही इस्लाम की तालीम को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को मंगलवार को दिल्ली तलब किया है। उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में सरकार की ओर से आयोग के समक्ष जवाब दाखिल किया जा सकता है। आयोग ने राज्य सरकार से मिशनरी आश्रमों और एनजीओ की जानकारी भी मांगी है।

By Jagran News Edited By: Jeet Kumar Tue, 18 Jun 2024 06:00 AM (IST)
मदरसों में हिंदू बच्चों को तालीम देने के मामले में आज जवाब दे सकती है मध्य प्रदेश सरकार, इस बारे में शासन स्तर पर चुप्पी
मदरसों में हिंदू बच्चों को तालीम देने के मामले में आज जवाब दे सकती है मध्य प्रदेश सरकार

 राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश के मदरसों में हिंदू बच्चों को दी जा रही इस्लाम की तालीम को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को मंगलवार को दिल्ली तलब किया है। उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में सरकार की ओर से आयोग के समक्ष जवाब दाखिल किया जा सकता है। हालांकि, इस बारे में शासन स्तर पर चुप्पी है।

आश्रमों और एनजीओ की जानकारी भी मांगी

आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पूछा है कि मदरसों में हिंदू बच्चे कैसे पहुंचे? आयोग को आशंका है कि हिंदू बच्चों को इस्लाम की तालीम देने के साथ उनका मतांतरण तो नहीं कराया जा रहा है। आयोग ने राज्य सरकार से मिशनरी आश्रमों और एनजीओ की जानकारी भी मांगी है।

बता दें कि प्रदेश के मदरसों में सर्वाधिक मुरैना में 2068, भिंड में 1812 और रीवा में 1426 हिंदू बच्चे तालीम ले रहे हैं। आयोग इसके पहले भी प्रदेश के मुख्य सचिव को तलब कर चुका है, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। कानूनगो ने कहा कि अगर मंगलवार को भी शासन की ओर से कोई जवाब नहीं आता है तो नियमानुसार आगे निर्णय लिया जाएगा।

मदरसों में हिंदू बच्चे कैसे पहुंचे

मदरसा में हिंदू बच्चे लेते रहे तालीम, डेढ़ साल से राष्ट्रीय बाल आयोग को गुमराह कर रहा स्कूल शिक्षा विभाग

मध्य प्रदेश के मदरसों में हिंदू बच्चों को दी जा रही इस्लाम की तालीम के मामले में मध्य प्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग पिछले डेढ़ साल से राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को गुमराह कर रहा है। आयोग ने पिछले वर्ष 2023 में भी राज्य सरकार से पूछा था कि मदरसों में हिंदू बच्चे कैसे पहुंचे और उन्हें यहां से निकालकर स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए क्या कदम उठाए गए।

राष्ट्रीय बाल आयोग को गुमराह कर रहा स्कूल शिक्षा विभाग

इसको लेकर महिला एवं बाल विकास के संचालक डा. राम राव भोंसले ने 13 फरवरी 2023 को लोक शिक्षण संचालनालय और आयुक्त पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण को पत्र लिखकर मदरसों की जांच कर रिपोर्ट से आयोग को अवगत कराने के लिए कहा था, लेकिन आयोग के बार-बार पूछने के बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग जवाब देने से बचता रहा।