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Union Budget 2026: केंद्रीय बजट से मप्र के अन्नदाता निराश, पीएम किसान निधि और MSP पर नहीं मिली राहत

Published: Sun, 01 Feb 2026 05:35 PM (IST)

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट से मध्य प्रदेश के किसानों को ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आम बजट पेश किया। इस बजट से किसानों को काफी उम्मीदें थीं। खासकर मध्य प्रदेश के अन्नदाता पीएम किसान सम्मान निधि और फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य समेत कुछ अन्य मामलों में विशेष राहत की आस लगाए बैठे थे, चूंकि यह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का प्रदेश भी है। लेकिन वित्त मंत्री के बजट भाषण ने उनके सपनों और उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

पीएम किसान योजना पर कोई ऐलान नहीं

किसानों को उम्मीद थी कि वर्ष 2026-27 के बजट में पीएम किसान सम्मान निधि 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये की जा सकती है, लेकिन वित्त मंत्री ने इस योजना का जिक्र तक नहीं किया। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर भी बजट में कोई उल्लेख नहीं था। न ही फसल बीमा योजना में कोई राहत नहीं दी गई।

बजट में नई घोषणाएं

हालांकि बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा कृषि सेक्टर में कुछ अच्छी घोषणाएं जरूर की गईं, मसलन-

  • नारियल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कोकोनट प्रमोशन स्कीम
  • पहाड़ी क्षेत्रों में बादाम, अखरोट, काजू और कोको की खेती को बढ़ावा
  • मछली पालन और डेयरी क्षेत्र में निवेश
  • वैज्ञानिक चंदन की खेती को प्रोत्साहन
  • एक करोड़ किसानों को नेचुरल फार्मिंग का प्रशिक्षण और छह करोड़ किसानों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन
  • बहुभाषी AI टूल भारत विस्तार के जरिए किसानों को उनकी भाषा में सलाह मिलेगी। स्टोरेज क्षमता बढ़ेगी और मछली पालन व डेयरी क्षेत्र में भी अतिरिक्त फंड आएंगे।


ये योजनाएं दीर्घकालीन लाभ देने वाली हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के किसान आर्थिक मोर्चे पर जो फौरी राहत की आस लगाए थे, उसमें उन्हें निराशा हाथ लगी। किसानों को फसल बीमा योजना, खाद सब्सिडी, जैविक खेती, नेचुरल फार्मिंग और मिट्टी सुधार के लिए बजट में कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया गया। डायरेक्ट कैश बेनेफिट की उम्मीद भी अधूरी रह गई।

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मध्यप्रदेश के किसानों की पीड़ा

गौरतलब है कि यह वही मध्य प्रदेश है जो भारत को अनाज, दलहन और सोयाबीन की सप्लाई करता है। यहां की शरबती गेहूं अपनी गुणवत्ता और मिठास के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। किसानों का कहना है कि बजट में तकनीकी और नई योजनाओं की बातें तो हैं, लेकिन इस सीजन कौन उनके साथ खड़ा होगा, इसका कोई जवाब नहीं।