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MP में आदिवासी वोटों पर कांग्रेस का बड़ा दांव, 90 विधानसभा सीटों पर बनाएगी क्लस्टर; जल-जंगल-जमीन के मुद्दों पर फोकस

Published: Fri, 23 Oct 2026 06:52 PM (IST)

कांग्रेस मध्य प्रदेश में आदिवासी वोटों को साधने के लिए 90 आदिवासी बहुल विधानसभा सीटों पर क्लस्टर बनाकर काम करेगी। ...और पढ़ें

मप्र कांग्रेस कमेटी कार्यालय। (फाइल फोटो)

मप्र कांग्रेस कमेटी कार्यालय। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. कांग्रेस 90 आदिवासी बहुल विधानसभा सीटों पर क्लस्टर बनाएगी।

  2. जल, जंगल, जमीन मुद्दों पर आदिवासियों को जागरूक करेंगे।

  3. 2023 चुनाव नतीजों के विश्लेषण के बाद यह रणनीति बनी।

वैभव श्रीधर, भोपाल। प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 47 सीटें सुरक्षित हैं, लेकिन कांग्रेस ने 43 और ऐसी सीटें चिह्नित की हैं, जो आदिवासी बहुल हैं। इन 90 सीटों पर पार्टी क्लस्टर बनाकर काम करेगी। ये क्लस्टर आदिवासी क्षेत्रों को मिलाकर बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत आने वाले मंडलम, सेक्टर और बूथ कमेटी के सदस्यों को आदिवासियों के बीच पार्टी की छवि बनाने, जल, जंगल, जमीन से जुड़े अधिकारों को लेकर जागरूक करने के लिए तैयार किया जाएगा।

इसके लिए कार्यशाला और ग्राम चौपाल आयोजित की जाएंगी। इसकी कार्य योजना विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अध्यक्षता में गठित समिति ने तैयार की है।

इसलिए उठा रहे कदम

2023 के विधानसभा चुनाव में आदिवासी बहुल 90 सीटों में से भाजपा ने 59 जीतीं तो कांग्रेस को 30 सीटें मिलीं। एक सीट भारत आदिवासी पार्टी को मिली। आदिवासियों के लिए सुरक्षित 47 सीट के अलावा जो अनारक्षित 38 सीटें हैं, उनमें से 30 भाजपा ने जीतीं। पांच की पांच अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीटों से भाजपा के विधायक हैं।

कुल मिलाकर समिति ने जो विश्लेषण कराया है, उसमें यह बात सामने आई कि गैर सुरक्षित मगर आदिवासी बहुल सीटों पर आदिवासियों को यदि साध लिया जाए तो अनुकूल परिणाम मिल सकते हैं। गैर सुरक्षित सीटों पर आदिवासी मतदाताओं की संख्या 25 से लेकर 68 हजार तक है।

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ऐसे रहेंगे क्लस्टर

विधानसभा क्षेत्र में बिखरी हुई आदिवासी बसाहट को मिलाकर एक क्लस्टर बनेगा। इसमें संबंधित क्षेत्र के मंडलम, सेक्टर और बूथ की कमेटियों को शामिल किया जाएगा। इनके सदस्यों को पार्टी पदाधिकारियों और गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों से जल, जंगल, जमीन सहित अन्य सभी मुद्दों पर प्रशिक्षण दिलाया जाएगा, ताकि वे भाजपा के दावों पर पार्टी की बात रख सकें।

इसके लिए विधानसभा में समय-समय पर सरकार द्वारा दिए गए उत्तरों के आधार पर पुस्तिका भी तैयार करके दी जाएगी। प्रत्येक क्लस्टर का एक प्रमुख होगा, जो सीधे प्रदेश कांग्रेस को रिपोर्ट करेगा।