ट्रेन से एक साथ दतिया पहुंचकर दिग्विजय-जीतू ने दिया 'ऑल इज वेल' का संदेश, उपचुनाव की तैयारियों पर फोकस
उज्जैन के वीर भारत न्यास भूमि आवंटन मामले को लेकर सामने आए थे मतभेद। दतिया में सभी संभावित दावेदारों को एक मंच पर लाकर कांग्रेस ने दिखाई ताकत।

दतिया में आयोजित सम्मेलन में साथ में बैठे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी व पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह।
HighLights
पटवारी-दिग्विजय दतिया उपचुनाव की तैयारी में एकजुट दिखे।
वीर भारत न्यास विवाद के बाद 'ऑल इज वेल' का संदेश।
कांग्रेस ने अंदरूनी कलह की छवि मिटाने का प्रयास किया।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। उज्जैन स्थित वीर भारत न्यास को भूमि आवंटन पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच तीखे मतभेद के बाद दोनों नेता एक साथ ट्रेन से सफर कर दतिया पहुंचे। उपचुनाव की तैयारी के लिए दतिया पहुंचे दोनों नेताओं ने ऑल इज वेल का संदेश दिया। यह दौरा कांग्रेस के लिए अपनी अंदरूनी कलह की छवि को मिटाने और चुनावी रण में खुद को एक मजबूत व एकजुट विपक्ष के रूप में पेश करने का एक संयुक्त प्रयास है।
पिछले कुछ दिनों में उज्जैन के ''वीर भारत न्यास'' भूमि आवंटन मामले को लेकर जीतू पटवारी के आरोपों का दिग्विजय सिंह द्वारा सार्वजनिक तौर पर खंडन किए जाने से पार्टी की भारी किरकिरी हुई थी। भाजपा ने इसे कांग्रेस की आपसी कलह के रूप में पेश किया था।
दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के अयोग्य घोषित होने के बाद रिक्त है। यहां 30 जुलाई को उपचुनाव होना है। कांग्रेस सीट पर कब्जा बरकरार रखने के प्रयास में है। इसके लिए राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह और ओबीसी कांग्रेस के अध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाह को मोर्चे पर लगाया गया है।
इसी बीच शनिवार को दतिया में प्रत्याशी के संबंध में कार्यकर्ताओं से संवाद और रायशुमारी के लिए सम्मेलन किया गया। इसमें शामिल होने दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी ट्रेन से पहुंचे। पहले दोनों का अलग-अलग जाने का कार्यक्रम था, लेकिन बाद में इसे परिवर्तित किया गया ताकि कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जाए कि हम साथ-साथ हैं।
केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद दोनों वरिष्ठ नेताओं का सार्वजनिक रूप से एक मंच पर आना, यह दर्शाता है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस गुटबाजी के नुकसान से बचने के लिए सतर्क है। इस दौरे से कांग्रेस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे दतिया उपचुनाव को पूरी ताकत के साथ लड़ेंगे और राज्य स्तर के मतभेदों को दरकिनार कर पूरी पार्टी को चुनाव मैदान में झोंक दिया है।
जीतू ने नरोत्तम को कहा 'अहंकारी भैया'
सम्मेलन में प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने पूर्व गृहमंत्री व भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर निशाना साधते हुए उनको ‘अहंकारी भैया’ कह कर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पूर्व गृहमंत्री उपचुनाव आते ही अब सबसे माफी मांगने लगे हैं, वह शायद अपने पुराने दिन भूल गए।
जीतू ने कहा कि भाजपा ने हमेशा लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया है। पहले विजयपुर उपचुनाव में कांग्रेस के विजयी विधायक मल्होत्रा को निशाना बनाया गया। इसके बाद राज्यसभा चुनाव में भी मीनाक्षी नटराजन के साथ जो किया, वह सबके सामने हैं। अब दतिया में जो जनमत पांच साल के लिए कांग्रेस को मिला था, उसे भी किसी तरह लूटने का काम किया गया है।
दिग्विजय के भाषण के समय आया भारती का फोन
जैसे ही दिग्विजय सिंह भाषण देने लगे तभी जीतू पटवारी अपना मोबाइल लेकर पहुंचे, कॉल दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती का था। पटवारी ने दिग्विजय के कान में कुछ कहा, जिसके बाद उन्होंने मोबाइल माइक पर लगाकर सभी से राजेंद्र भारती की बात सुनने को कहा। राजेंद्र भारती ने अपनी आपबीती पार्टीजन के बीच रखी।
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सभी दावेदार एक मंच पर
सम्मेलन में टिकट के दावेदार माने जा रहे पूर्व विधायक घनश्याम सिंह और वरिष्ठ नेता अवधेश नायक भी मौजूद रहे। कुछ लोगों ने सेवढ़ा के पूर्व विधायक राधेलाल बघेल का भी नाम उछाला, लेकिन जब घनश्याम सिंह ने कहा कि वैसे तो वह टिकट नहीं मांग रहे हैं, लेकिन अगर पार्टी का आदेश होगा तो वह सिर माथे रहेगा।
वहीं, नायक का कहना था कि पार्टी किसी को भी टिकट दे, वह पूरी ताकत से मदद करेंगे। उनका लक्ष्य भाजपा को दतिया से शिकस्त देने का रहेगा। सम्मेलन के बाद प्रदेशाध्यक्ष पटवारी और दिग्विजय सिंह ने होटल के कमरे में कार्यकर्ताओं से अलग-अलग चर्चा भी की।
