MP के कॉलेजों में अब YouTube से भी होगी पढ़ाई, 23 विषयों का ई-कंटेंट तैयार; स्मार्ट क्लास में भी मिलेगा फायदा
मध्य प्रदेश के कॉलेज विद्यार्थियों को अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 23 विषयों का ई-कंटेंट डिजिटल माध्यम से मिलेगा। ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
MP कॉलेजों में 23 विषयों का ई-कंटेंट उपलब्ध होगा।
ज्ञान सेतु चैनल और यूट्यूब पर मिलेगी डिजिटल सामग्री।
स्मार्ट क्लास में भी ई-कंटेंट का उपयोग किया जाएगा।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के कॉलेज विद्यार्थियों को अब पाठ्यपुस्तकों के साथ डिजिटल माध्यम से भी पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में बदलाव के बाद किताबों की उपलब्धता में हो रही देरी को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने 23 विषयों में ई-कंटेंट तैयार कराने की पहल की है। यह अध्ययन सामग्री विषय विशेषज्ञों से सत्यापन के बाद ज्ञान सेतु चैनल और यूट्यूब पर उपलब्ध कराई जाएगी।
इस पहल से विद्यार्थियों को जरूरी पाठ्य सामग्री के लिए किताबों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वे ऑनलाइन वीडियो, टेक्स्ट, चार्ट और एनिमेशन के माध्यम से पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त प्रबल सिपाहा के मुताबिक, डिजिटल अध्ययन सामग्री से विद्यार्थियों को पढ़ाई में मदद मिलेगी और कॉलेजों में उपलब्ध स्मार्ट क्लास का उपयोग भी अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।
16 से बढ़ाकर 23 किए गए विषय
उच्च शिक्षा विभाग ने शुरुआत में 16 विषयों के लिए ई-कंटेंट तैयार करने की योजना बनाई थी। शिक्षकों के प्रशिक्षण और उनकी रुचि को देखते हुए इसमें सात नए विषय जोड़ दिए गए हैं। अब कुल 23 विषयों की अध्ययन सामग्री तैयार की जा रही है।
इस काम की जिम्मेदारी शासकीय कॉलेजों में पढ़ाने वाले प्रोफेसरों और सहायक प्राध्यापकों को सौंपी गई है। उन्हें पाठ्यक्रम के अनुरूप मॉड्यूल और सब-मॉड्यूल बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया है। तैयार सामग्री विद्यार्थियों को ज्ञान सेतु चैनल और यूट्यूब के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
विशेषज्ञ समिति करेगी कंटेंट की जांच
डिजिटल सामग्री की गुणवत्ता और तथ्यात्मक शुद्धता बनाए रखने के लिए प्रत्येक विषय में चार से सात शिक्षकों की समिति बनाई गई है। इसमें संयोजक, सह-संयोजक और अन्य विषय विशेषज्ञ शामिल हैं। पहले चरण की सामग्री तैयार करने और उसके सत्यापन के लिए विशेषज्ञों को एक सप्ताह का समय दिया गया है।
समितियां स्टूडियो में तैयार सामग्री की समीक्षा करेंगी। इस दौरान टेक्स्ट, वीडियो, एनिमेशन, चार्ट और उनमें दिए गए संदर्भों की प्रामाणिकता की जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संशोधन भी कराए जाएंगे। विशेषज्ञों की मंजूरी मिलने के बाद ही ई-कंटेंट विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन जारी किया जाएगा।
स्मार्ट क्लास में भी उपयोग कर सकेंगे शिक्षक
ई-कंटेंट का लाभ केवल ऑनलाइन पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा। कॉलेजों की स्मार्ट क्लास में भी इसका उपयोग किया जा सकेगा। शिक्षक वीडियो, चार्ट और एनिमेशन की मदद से जटिल विषयों को सरल तरीके से समझा सकेंगे। इससे कक्षा में पढ़ाई को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
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भारतीय ज्ञान परंपरा को भी पाठ्य सामग्री में जगह
उच्च शिक्षा विभाग ई-कंटेंट तैयार करते समय भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों और पारंपरिक ज्ञान को भी शामिल कर रहा है। इसका उद्देश्य आधुनिक पाठ्यक्रम के साथ भारतीय ज्ञान-विरासत से जुड़ी सामग्री विद्यार्थियों तक पहुंचाना है।
डिजिटल अध्ययन सामग्री में हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, गणित, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, वनस्पति विज्ञान, प्राणी शास्त्र, जैव प्रौद्योगिकी, भूगोल, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, इतिहास, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति, पुरातत्व, भूगर्भ शास्त्र, वाणिज्य, मनोविज्ञान, दर्शन शास्त्र, शारीरिक शिक्षा, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान, संगीत तथा गृह विज्ञान जैसे विषय शामिल हैं। गृह विज्ञान के साथ टेक्सटाइल एंड क्लोदिंग से संबंधित सामग्री भी तैयार की जा रही है।
