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MP Board Exam 2027: पहली बार बोर्ड परीक्षा में पर्यवेक्षक बनेंगे अतिथि शिक्षक, माशिमं ने मांगी सूची

Published: Thu, 15 Oct 2026 05:13 PM (IST)

मध्य प्रदेश में 2027 की बोर्ड परीक्षाओं में अतिथि शिक्षकों को पर्यवेक्षक बनाया जा सकता है। जनगणना के कारण शिक्षकों ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. 2027 बोर्ड परीक्षा में अतिथि शिक्षक बनेंगे पर्यवेक्षक।

  2. जनगणना के कारण नियमित शिक्षकों की कमी की आशंका।

  3. माशिमं ने सभी जिलों से शिक्षकों का ब्योरा मांगा है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में वर्ष 2027 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान अतिथि शिक्षकों को भी पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) पहली बार इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसकी प्रमुख वजह बोर्ड परीक्षाओं और राष्ट्रीय जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तारीखों का आसपास होना है। जनगणना में बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगने से परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षकों की कमी होने की आशंका है।

इसी को देखते हुए माशिमं ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश जारी कर नियमित और अतिथि शिक्षकों की उपलब्धता का पूरा ब्योरा मांगा है। जिलों को इस सप्ताह के अंत तक ई-मेल के माध्यम से रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। इसके आधार पर बोर्ड परीक्षा के संचालन के लिए शिक्षकों की उपलब्धता का आकलन किया जाएगा।

फरवरी-मार्च में जनगणना और बोर्ड परीक्षा

माध्यमिक शिक्षा मंडल के कार्यक्रम के अनुसार, वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से 19 मार्च तक आयोजित की जाएंगी। इसी अवधि के आसपास राष्ट्रीय जनगणना के दूसरे चरण का काम भी प्रस्तावित है। जनगणना संबंधी जिम्मेदारियों में शिक्षकों की तैनाती होने से परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

परीक्षा के दौरान प्रत्येक केंद्र पर पर्यवेक्षकों की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित करना जरूरी होता है। ऐसे में नियमित शिक्षकों के साथ अतिथि शिक्षकों की उपलब्धता का आकलन कर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।

प्रदेश में करीब 70 हजार अतिथि शिक्षक

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में लगभग 70 हजार अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। मंडल ने जिलों से इनकी सूची के साथ नियमित शिक्षकों का भी पूरा डाटा मांगा है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि परीक्षा अवधि में कितने शिक्षक उपलब्ध रहेंगे और किन जिलों में अतिरिक्त व्यवस्था की जरूरत पड़ सकती है।

यदि प्रस्तावित व्यवस्था लागू होती है, तो अतिथि शिक्षकों को भी बोर्ड परीक्षाओं के संचालन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि, उनकी नियुक्ति, पात्रता और ड्यूटी से संबंधित अंतिम व्यवस्था मंडल के निर्देशों के आधार पर स्पष्ट होगी।

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बोर्ड परीक्षा के लिए ढाई लाख शिक्षकों की जरूरत

प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं के संचालन के लिए करीब ढाई लाख शिक्षकों की आवश्यकता बताई गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य में लगभग 2.05 लाख नियमित शिक्षक हैं। इनमें से 94,660 शिक्षक जनगणना के प्रथम चरण के कार्य में शामिल रहे हैं।

इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों के साथ अतिथि शिक्षकों की उपलब्धता भी परीक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होगी। ऐसे में माशिमं का जोर सभी जिलों से वास्तविक आंकड़े जुटाकर परीक्षा के दौरान कर्मचारियों की कमी को दूर करने पर है।

जिलों से मांगी गई रिपोर्ट 

मंडल ने जिला प्रशासन और शिक्षा अधिकारियों से नियमित व अतिथि शिक्षकों का पूरा विवरण निर्धारित समय-सीमा में भेजने को कहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षकों की तैनाती की योजना बनाई जा सकेगी।

10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा और जनगणना कार्य दोनों प्रभावित न हो, इसके बेहतर समन्वय को लेकर शासन स्तर से निर्देश प्राप्त हुए हैं। अतिथि शिक्षकों की भी परीक्षा में ड्यूटी लगाई जाएगी।
- बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माशिमं