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खून से PM-CM को लिखा पत्र, इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी; MP में चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन 28वें दिन भी जारी

Published: Thu, 17 Sep 2026 08:22 PM (IST)

आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी माध्यमिक शिक्षक श्रेणी में 10 हजार पद बढ़ाकर दूसरी काउंसलिंग और प्राथमिक शिक्षक श्रेणी में 25 हजार पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

डीपीआई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते अभ्यर्थी।

डीपीआई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते अभ्यर्थी।

HighLights

  1. लोक शिक्षण संचालनालय के बाहर धरने पर डटे चयनित शिक्षक अभ्यर्थी।

  2. माध्यमिक में 10 हजार और प्राथमिक में 25 हजार पद बढ़ाने की मांग।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर चयनित अभ्यर्थियों का आंदोलन 28वें दिन भी जारी रहा। गुरुवार को आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी। पत्र में उन्होंने लंबे समय से चल रहे आंदोलन और शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग का उल्लेख किया है।

सात दिन से अनशन, अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ी

लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के सामने पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों में राजगढ़ जिले के ब्यावरा निवासी नरेंद्र राजपूत भी शामिल हैं। वह पिछले सात दिनों से निर्जला अनशन पर हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, पानी नहीं पीने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और बुधवार रात वह कई बार बेहोश हुए।

नरेंद्र राजपूत का कहना है कि अधिकारियों के आश्वासन के बाद उन्होंने पहले भूख हड़ताल समाप्त कर दी थी, लेकिन मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें दोबारा अनशन शुरू करना पड़ा। उन्होंने सीने में दर्द और रक्तचाप बढ़ने की शिकायत भी बताई।

अनशनकारी अभ्यर्थी ने आरोप लगाया कि तबीयत बिगड़ने के बावजूद गुरुवार सुबह तक उनकी जांच के लिए कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से चिकित्सक बुलाने की मांग की। बुधवार रात तेज बारिश के बीच भी अभ्यर्थियों का धरना डीपीआई कार्यालय के बाहर जारी रहा।

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बारिश में भीगा सामान, फिर भी नहीं हटे प्रदर्शनकारी

तेज बारिश के कारण धरना स्थल पर रखा अभ्यर्थियों का सामान भीग गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन जारी रखा। अभ्यर्थियों ने डीपीआई आयुक्त के रवैये के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पदवृद्धि की मांग दोहराई।

अभ्यर्थी माध्यमिक शिक्षक भर्ती में कम से कम 10 हजार पद बढ़ाकर दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही प्राथमिक शिक्षक भर्ती में 25 हजार पदों की वृद्धि की मांग रखी गई है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संबंधित विभागों में रिक्त पद उपलब्ध होने के बावजूद भर्ती में सीमित पद निर्धारित किए गए हैं। उनका दावा है कि पदों की संख्या बढ़ने से बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिल सकता है।