चीता शावक शिकार मामला: मध्य प्रदेश से 25 संदिग्ध गिरफ्तार, दो भरमार बंदूकें जब्त
कूनो में मादा चीता निर्वा के शावक के शिकार मामले में पुलिस और वन विभाग ने श्योपुर के मढा व नितनमास गांवों से 25 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

चीता शावक शिकार मामले में 25 संदिग्ध पकड़े गए

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। कूनो की मादा चीता निर्वा के 19 माह के शावक के शिकार के मामले में पुलिस व वन विभाग की टीमें आसपास के गांवों में संदिग्धों की धरपकड़ कर रही हैं। श्योपुर जिले के मढा और नितनमास गांवों से 25 संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है।
विमुक्त जनजाति मोगिया के इन लोगों के शिकारी होने का संदेह है। वन विभाग के अनुसार, इनके पास से दो भरमार बंदूकें (बंदूक की नली के आगे के हिस्से से बारूद लोड किया जाता है) जब्त की गई हैं, जिनका प्रयोग शिकार करने में होता है।
शुक्रवार को मढा गांव की कुछ महिलाएं मुरैना जिले के पहाड़गढ़ थाने पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग की टीम उनके घरों में घुसी और मारपीट कर पुरुष सदस्यों को अपने साथ ले गई। उनके स्वजन को कहां रखा गया है, इसकी जानकारी भी नहीं दी जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद संदिग्धों को पकड़ने की कार्रवाई चर्चा में आ गई है। कार्रवाई के बाद मोगिया समाज के कई गांवों से पुरुष गायब हो गए हैं।
जांच से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि कुछ अहम सुराग मिले हैं। दो-तीन दिनों के अंदर कामयाबी मिलने की उम्मीद है।
इधर शुक्रवार को मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) उत्तम कुमार शर्मा ने भी टीम के साथ नितनमास गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने उस क्षेत्र का भी निरीक्षण किया, जहां चीते को गोली मारे जाने की घटना सामने आई थी।
केंद्रीय वन मंत्री ने ली अधिकारियों से जानकारीवन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, चीते के शिकार मामले में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय सीधे जानकारी ले रहा है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने वीडियो काल के माध्यम से ग्वालियर-चंबल के वन और पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई और चीतों की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली है।