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वन अमले की कार्रवाई के खिलाफ आदिवासियों का हल्लाबोल, मुख्यमंत्री से न्याय मांगने सीहोर से हजारों लोग पैदल भोपाल रवाना

Published: Thu, 15 Oct 2026 03:00 PM (IST)

सीहोर के कोसमी में वन विकास निगम की कार्रवाई से प्रभावित हजारों आदिवासी परिवार न्याय की मांग को लेकर सीहोर ...और पढ़ें

सीहोर से पदयात्रा लेकर निकले आदिवासी परिवार।

सीहोर से पदयात्रा लेकर निकले आदिवासी परिवार।

HighLights

  1. कोसमी में वन विभाग ने तोड़े आदिवासियों के मकान।

  2. हजारों आदिवासी न्याय हेतु भोपाल पदयात्रा पर।

  3. मुख्यमंत्री से मिलकर रखेंगे अपनी समस्याएँ।

डिजिटल डेस्क, सीहोर। बुधनी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कोसमी में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने और खेतों में खड़ी फसलें नष्ट किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वन विकास निगम की कार्रवाई से नाराज प्रभावित परिवारों ने अब न्याय की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। इसी कड़ी में हजारों आदिवासी सीहोर से भोपाल तक पदयात्रा पर निकल पड़े हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याएं सामने रखेंगे और प्रभावित परिवारों के लिए न्याय की मांग करेंगे।

हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर निकले प्रदर्शनकारी शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राजधानी की ओर बढ़ रहे हैं। इस पदयात्रा में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि जब स्थानीय स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो उन्हें अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए पैदल मार्च का रास्ता अपनाना पड़ा।

आजीविका पर आया संकट

कोसमी में वन विकास निगम की कार्रवाई के बाद से ही प्रभावित आदिवासी परिवार विरोध जता रहे हैं। उनका आरोप है कि मकानों को तोड़े जाने और खेतों में लगी फसलों के नष्ट होने से उनके सामने रहने और परिवार का भरण-पोषण करने का संकट खड़ा हो गया है। परिवारों के मुताबिक, घर और खेती उनकी आजीविका के प्रमुख साधन हैं। ऐसे में कार्रवाई के बाद उनके लिए भविष्य की चिंता बढ़ गई है।

प्रभावित परिवार चाहते हैं कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उन्हें उचित राहत मिले। इसी मांग को लेकर आंदोलनकारी अब राजधानी पहुंचकर सरकार के सामने अपना पक्ष रखने की तैयारी में हैं।

मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रखेंगे अपनी मांगें

पदयात्रा में शामिल आदिवासियों का प्रमुख उद्देश्य मुख्यमंत्री से मिलकर मकानों और फसलों को हुए नुकसान की जानकारी देना है। प्रदर्शनकारी अपने अधिकारों के समर्थन में नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से कोसमी का मामला अब स्थानीय विरोध से आगे बढ़कर राजधानी तक पहुंच गया है।

भोपाल की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों के साथ डीजे वाहन भी चल रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है। आंदोलन के विस्तार के साथ ही प्रशासन के सामने प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सुनवाई और स्थिति को संभालने की चुनौती भी बढ़ गई है।

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अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भोपाल पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों की मुख्यमंत्री या शासन के प्रतिनिधियों से मुलाकात हो पाती है या नहीं। साथ ही, प्रभावित आदिवासी परिवारों की मांगों पर सरकार और प्रशासन क्या रुख अपनाते हैं, यह भी महत्वपूर्ण होगा।