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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kailash Vijayvargiya: कौन हैं कैलाश विजयवर्गीय, जो 1990 से अब तक एक बार भी नहीं हारे चुनाव? जानिए राजनीतिक सफर

By Jagran News Edited By: Siddharth Chaurasiya
Published: Mon, 25 Dec 2023 04:50 PM (IST)

मध्य प्रदेश में मोहन यादव कैबिनेट के सभी 28 मंत्रियों का शपथ ग्रहण हो चुका है। कई दौर की चर्चा ...और पढ़ें

कैलाश विजयवर्गीय 1990 से अब तक 7 बार चुनाव लड़ चुके हैं और वे एक बार भी नहीं हारे हैं।
कैलाश विजयवर्गीय 1990 से अब तक 7 बार चुनाव लड़ चुके हैं और वे एक बार भी नहीं हारे हैं।

जागरण न्यूज नेटवर्क, इंदौर। मध्य प्रदेश में मोहन यादव कैबिनेट के सभी 28 मंत्रियों का शपथ ग्रहण हो चुका है। कई दौर की चर्चा के बाद सोमवार को मोहन यादव कैबिनेट में मंत्री बनाए जाने वाले चेहरे तय किए गए। इस मंत्रिमंडल विस्तार में कैलाश विजयवर्गीय ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है। इसी के साथ इंदौर से कैलाश विजयवर्गीय के मंत्री बनने के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

इस बार के विधानसभा चुनाव में कैलाश विजयवर्गीय ने भाजपा के लिए कठिन माने जाने वाली इंदौर के क्षेत्र क्रमांक एक पर जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी संजय शुक्ला को हराया था। विजयवर्गीय शिवराज सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।

कौन हैं कैलाश विजयवर्गीय?

कैलाश विजयवर्गीय 1990 से अब तक 7 बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं और वे एक बार भी चुनाव नहीं हारे हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने पहला चुनाव साल 1990 में क्षेत्र क्रमांक चार से लड़ा था। तक उनके सामने कांग्रेस के इकबाल खान थे। कैलाश विजयवर्गीय को इस चुनाव में 48 हजार 413 वोट मिले थे, जबकि इकबाल खान को 22 हजार 811 वोट ही मिले। इस तरह विजयवर्गीय ने 25 हजार 602 वोटों से चुनाव जीता था।

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विजयवर्गीय का राजनीतिक सफर

  • 1993 में कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा क्षेत्र दो से चुनाव लड़ा। उनके सामने कांग्रेस के कृपाशंकर शुक्ला थे। कैलाश विजयवर्गीय ने यह चुनाव 21 हजार 62 वोटों से जीता था। उन्हें 59 हजार 346 वोट मिले थे, जबकि कृपाशंकर शुक्ला को 38 हजार 284 वोट मिले थे।
  • यह चुनाव भी कैलाश विजयवर्गीय ने क्षेत्र क्रमांक दो से लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस की रेखा गांधी को 20 हजार 273 वोटों से हराया। रेखा गांधी को इस चुनाव में 44 हजार 136 वोट मिले। जबकि विजयवर्गीय को 64 हजार 409 वोट मिले।
  • 2003 में हुए चुनाव में भाजपा ने कैलाश विजयवर्गीय पर फिर भरोसा जताया और उन्हें क्षेत्र क्रमांक दो से ही टिकट दिया। विजयवर्गीय को इस चुनाव में 86 हजार 175 वोट मिले। उन्होंने कांग्रेस के अजय राठौर को 35 हजार 911 वोटों से हराया था।
  • 2008 के चुनाव में भाजपा ने कैलाश विजयवर्गीय की सीट बदल दी और उन्हें कठिन माने जाने वाली महू से टिकट दिया गया। उनके सामने कांग्रेस के अंतर सिंह दरबार थे। इस चुनाव में विजयवर्गीय को 67 हजार 192 वोट मिले और उन्होंने दरबार को 9 हजार 791 वोटों से हराया। जिसके बाद उन्हें भाजपा सरकार में वाणिज्य और उद्योग मंत्री बनाया गया था।
  • कैलाश विजयवर्गीय ने अपना छठा चुनाव भी महू सीट से लड़ा और इस बार भी उन्होंने अंतर सिंह दरबार को हराया। यह चुनाव विजयवर्गीय ने 12 हजार 216 वोटों से जीता था। इस बार भाजपा सरकार में उन्‍हे नगरीय प्रशासन मंत्रालय दिया गया था।
  • इस बार हुए फिर विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय ने जीत हासिल की और संजय शुक्ला को हराया।

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