साइबर ठग दे रहे चकमा, मुख्य आरोपित जामताड़ा का, खाताधारक बिहार का और खाते केरल व तेलंगाना में
देवास में एक बुजुर्ग से 6 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें आरोपित झारखंड के जामताड़ा ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
देवास के बुजुर्ग से 6 लाख की साइबर ठगी।
मुख्य आरोपित जामताड़ा का, खाताधारक बिहार से।
जामताड़ा में पुलिस को ग्रामीणों ने घेरा, आरोपित फरार।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। साइबर ठगी के आरोपितों तक पहुंचना पुलिस के लिए लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। ठगी करने वाला दूसरे राज्य में बैठा होता है, रकम तीसरे राज्य के म्यूल खाते में पहुंचती है और खाताधारक किसी चौथे राज्य में मिलता है। मध्य प्रदेश पुलिस के सामने आए इस ताजा मामले ने साइबर अपराधियों के नेटवर्क की जटिलता उजागर की है।
पुलिस को देवास जिले के बुजुर्ग से पेंशन कार्ड अपडेट कराने पर अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर की गई छह लाख रुपये की इस ठगी के मामले में झारखंड के जामताड़ा से लेकर बिहार के कटिहार और केरल-तेलंगाना तक की कड़ियां जोड़नी पड़ीं।
केरल और तेलंगाना के खातों में पहुंची रकम
जांच में सामने आया कि ठगी की राशि केरल और तेलंगाना के बैंक खातों में स्थानांतरित हुई। खाताधारक बिहार के कटिहार में मिला। उसके पास से एटीएम के जरिए निकाली गई पांच लाख रुपये की राशि जब्त की गई। उसने बताया कि मुख्य आरोपित झारखंड के जामताड़ा जिले का रहने वाला है। उसने कमीशन के बदले अपना बैंक खाता ठगी की रकम के लेनदेन के लिए उपलब्ध कराया था, यानी रकम को ठिकाने लगाने के लिए खाते उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति भी नेटवर्क का अहम हिस्सा था।
देवास के पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत ने बताया कि ठग एटीएम के माध्यम से राशि निकाल ले रहे हैं, जिससे राशि होल्ड न होने पाए। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ था, पर राशि जब्त करने और एक आरोपित को पकड़ने में सफलता मिली।
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जामताड़ा में कार्रवाई आसान नहीं, पुलिस को घेर लेते हैं ग्रामीण
मुख्य आरोपित की तलाश में देवास पुलिस की टीम जामताड़ा के बंदरचुहा गांव पहुंची, लेकिन वहां ग्रामीणों ने पुलिस को घेर लिया। इससे पहले ही आरोपित फरार हो चुका था। जामताड़ा लंबे समय से साइबर ठगी के मामलों के लिए चर्चा में रहा है। देवास पुलिस के अनुसार, देशभर में साइबर ठगी करने, फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने, म्यूल खाता खुलवाने का बड़े स्तर पर काम जामताड़ा से होता है।
