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भागीरथपुरा जल त्रासदी : मृत्यु पंजीयन के आधार पर मृतकों के परिजनों को राहत राशि देगी सरकार, सीएम बोले - हम आंकड़ों में नहीं पड़ रहे

Published: Wed, 07 Jan 2026 09:10 PM (IST)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों पर कहा कि सरकार आंकड़ों के ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सीएम ने कहा, आंकड़ों के विवाद में नहीं पड़ेगी सरकार।

  2. मृत्यु पंजीयन के आधार पर मिलेगी प्रभावितों को राहत राशि।

  3. भागीरथपुरा में संक्रमण का प्रकोप घटा, इक्का-दुक्का नए मरीज।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई मौतों को लेकर सामने आ रहे अलग-अलग आंकड़ों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि सरकार आंकड़ों के विवाद में नहीं पड़ेगी। बुधवार को मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि एक भी व्यक्ति की जान जाना अत्यंत कष्टकारी है, इसलिए हम इसके आंकड़े में नहीं पड़ रहे हैं। यह अलग बात है कि प्रशासन की दृष्टि और उनका अपना तरीका होता है। जिन परिवारों ने शव का पोस्टमार्टम कराया है, उनका आंकड़ा कुछ अलग रहा होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर संख्या तय की है, लेकिन यह फाइनल नहीं है। उस परिक्षेत्र के अंदर (भागीरथपुरा) में मृत्यु की घटना में इंदौर नगर निगम में मृत्यु पंजीयन के आंकड़ों के आधार पर राज्य सरकार संबंधितों के स्वजन को राहत राशि देगी। यह घटना अत्यंत दुखद है। सरकार हर क्षण प्रभावितों के साथ है।

आंकड़ों को लेकर भ्रम, मुआवजे की सूची बढ़ी

गौरतलब है कि भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। स्थानीय रिकॉर्ड और परिजनों के अनुसार मृतकों की संख्या 20 तक पहुंच चुकी है, जबकि राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में प्रस्तुत रिपोर्ट में केवल चार मौतों को ही आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है।

इसके बावजूद जिला प्रशासन अब तक 18 मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित कर चुका है। बुधवार को सूची में दो और नाम (रामकली जगदीश और श्रवण नत्यु खुपराव) जोड़े गए, जिससे सहायता पाने वाले परिवारों की संख्या 20 हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि हर मौत की जांच कर क्रॉस-वेरिफिकेशन के बाद ही मुआवजा दिया जा रहा है।

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हालात अब भी चिंताजनक

भागीरथपुरा में हालात अब भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। नर्मदा जल आपूर्ति बहाल होने के कुछ देर बाद ही सीवरेज लाइन से पानी रिसने लगा, जिससे कॉलोनी में जलभराव हो गया। दुकानों में गंदा पानी घुस गया और लोगों की शिकायत पर नर्मदा लाइन को एक बार फिर बंद करना पड़ा।

हालांकि संक्रमण का प्रकोप अब काफी हद तक कम हो गया है। बुधवार को भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त के इक्का-दुक्का मरीज सामने आए। इन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर रवाना कर दिया गया।