इंदौर दूषित जल त्रासदी : भागीरथपुरा में नर्मदा पाइपलाइन के वाल्व खुले, लेकिन पानी इस्तेमाल पर फिलहाल रोक
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 20 मौतें और 3200 से अधिक लोग बीमार हुए हैं। नगर निगम ने ...और पढ़ें

नर्मदा पेयजल पाइपलाइन के वाल्व खोलते नगर निगम के कर्मचारी।
HighLights
भागीरथपुरा में दूषित पानी से 20 मौतें, 3200+ बीमार।
नर्मदा पाइपलाइन के वाल्व खुले, पर पानी उपयोग वर्जित।
बैक्टीरिया हटाने को क्लोरीन युक्त पानी की सफाई जारी।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। देश के स्वच्छतम शहर का तमगा रखने वाले इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 99 मरीज अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं। हालात के बीच नगर निगम ने राहत की दिशा में कदम बढ़ाते हुए शुक्रवार को नर्मदा पाइपलाइन के वाल्व खोल दिए। फिलहाल क्षेत्र में नर्मदा जल आपूर्ति का ट्रायल किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन ने साफ तौर पर रहवासियों से इस पानी का उपयोग न करने की अपील की है।
टैंकरों से पानी सप्लाई
नगर निगम के मुताबिक पाइपलाइन में फैले बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए आज अधिक मात्रा में क्लोरीन मिला पानी सप्लाई किया जा रहा है, ताकि लाइनों की पूरी तरह से सफाई की जा सके। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक इलाके में टैंकरों के जरिए ही पानी की आपूर्ति जारी रहेगी।
3200 से अधिक मरीज
गौरतलब है कि भागीरथपुरा में ड्रेनेज लाइन से रिसाव के कारण दूषित पानी नर्मदा जल लाइन में मिल गया था, जिससे संक्रमण तेजी से फैला। अब तक इस क्षेत्र में 3200 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। वर्तमान में 16 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज अस्पतालों के आईसीयू में चल रहा है।
घर-घर लग रहे आरओ
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इलाके के लोगों में पानी को लेकर भय का माहौल है। कई परिवारों ने घरों में आरओ लगवाए हैं, वहीं पीने के लिए पानी के कैन मंगाए जा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि नर्मदा लाइन के साथ-साथ बोरवेल से आने वाला पानी भी दूषित पाया गया था।
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नगर निगम ने टैंकर से सप्लाई होने वाले पानी को भी कम से कम 15 मिनट तक उबालकर और छानकर उपयोग करने की सलाह दी है। इस संबंध में क्षेत्र में नगर निगम के वाहनों से लगातार अनाउंसमेंट किए जा रहे हैं।
उल्टी-दस्त से शुरू हुआ था संकट
भागीरथपुरा में 29 दिसंबर को एक साथ करीब 100 लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित पाए गए थे, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। इसके बाद लगातार मौतों का सिलसिला शुरू हुआ। जांच में नर्मदा जल सप्लाई में मल-मूत्र से जुड़े बैक्टीरिया पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ड्रेनेज लाइन का दूषित पानी नर्मदा पाइपलाइन में मिल रहा था।
