SIR प्रक्रिया के दुरुपयोग को लेकर दिग्विजय पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, फॉर्म-6 में अतिरिक्त शर्त जोड़ने की वैधता को दी चुनौती
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और फॉर्म-6 में अतिरिक्त घोषणा को लेकर ...और पढ़ें

दिग्विजय सिंह। (फाइल फोटो)
HighLights
दिग्विजय सिंह ने SIR प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर प्रक्रिया के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
फॉर्म-6 में अतिरिक्त घोषणा की वैधता पर सवाल उठाए गए।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया और मतदाता पंजीयन से जुड़े नियम को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने और मतदाताओं के अधिकार प्रभावित करने का आरोप लगाया है। याचिका को न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है।
SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल
भोपाल में गुरुवार को पत्रकारवार्ता में यह जानकारी देते हुए दिग्विजय ने एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग में अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सलाह और जानकारी के बिना कई निर्णय लिए गए। ईआरओ के अधिकारों में हस्तक्षेप कर ईसीआईनेट के माध्यम से आंकड़ों में बदलाव रोकने की कार्रवाई की गई। साथ ही मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए निर्धारित फॉर्म-6 में अतिरिक्त घोषणा जोड़े जाने की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं। कहा कि यही सवाल याचिका में उठाए गए हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री से मांगा इस्तीफा
दिग्विजय सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान पर उन्हें घेरते हुए इस्तीफा मांगा। कहा कि उन्होंने श्री राम पर टिप्पणी की। कहा कि भगवान श्रीराम करीब 400 साल तक तंबू में रहे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी घर बनवाने लगे तो उन्होंने अपने लिए भी घर मांगा। इस बयान की उन्होंने निंदा की। कहा कि मुख्यमंत्री माफी मांगें और इस्तीफा दें।
विजयादशमी पर उज्जैन से प्रारंभ होगी यात्रा
दिग्विजय ने बताया कि उनकी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर को विजयादशमी पर उज्जैन से शुरू होगी। चिंतामण गणेश और महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद वह पदयात्रा शुरू करेंगे। प्रशासन ने दशहरे पर महाकाल की सवारी के मद्देनजर जो मार्ग निर्धारित किया है, उसका पालन किया जाएगा। यात्रा के दौरान राम मंदिर निर्माण में कथित भ्रष्टाचार और चंदा-चढ़ावा चोरी का विषय उठाया जाएगा।
