बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री निकालेंगे 500 किमी रथ यात्रा, 5 जिलों से गुजरेगी; नवरात्र में 11 अक्टूबर से शुरुआत
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री नवरात्रि में 11 अक्टूबर से बुंदेलखंड के पांच जिलों में 500 किलोमीटर की रथ यात्रा शुरू ...और पढ़ें

पं. धीरेंद्र शास्त्री (फाइल फोटो)
HighLights
धीरेंद्र शास्त्री 11 अक्टूबर से रथ यात्रा निकालेंगे।
यात्रा बुंदेलखंड के पांच जिलों से होकर गुजरेगी।
सनातनियों को एकजुट कर हिंदू राष्ट्र बनाना मुख्य उद्देश्य।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री नवरात्र में बुंदेलखंड के पांच जिलों से होकर करीब 500 किलोमीटर की रथ यात्रा निकालने जा रहे हैं। यात्रा 11 अक्टूबर से प्रस्तावित है और इसके दौरान छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह और टीकमगढ़ क्षेत्र से जुड़ाव रहेगा। बागेश्वर धाम के कार्यक्रम कैलेंडर में ‘श्री आश्विन नवरात्र रथ यात्रा’ के लिए 11 से 19 अक्टूबर की अवधि दर्ज है।
शास्त्री ने ऑनलाइन हवन कार्यक्रम के दौरान यात्रा की जानकारी साझा करते हुए इसे अपनी तीसरी बड़ी यात्रा बताया। उनके अनुसार, इससे पहले बागेश्वर धाम से ओरछा और दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्राएं निकाली जा चुकी हैं।
पांच जिलों में 500 किलोमीटर का सफर
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्तावित यात्रा का रूट छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह और टीकमगढ़ से होकर गुजरने वाला है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए बसों की व्यवस्था किए जाने की बात भी सामने आई है। जिन स्थानों पर रात्रि विश्राम होगा, वहां हनुमान चालीसा पाठ और सामूहिक हवन जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
यात्रा में शामिल होंगे साधु-संत
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के अनुसार, रथ यात्रा में देश के अलग-अलग हिस्सों से साधु-संत, महंत और महात्मा भी शामिल होंगे। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुड़ने की संभावना है।
हिंदू राष्ट्र के संकल्प से जोड़ी यात्रा
शास्त्री ने यात्रा का उद्देश्य सनातनियों को एकजुट करना और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के अपने संकल्प को आगे बढ़ाना बताया है। यह उनका सार्वजनिक रूप से व्यक्त राजनीतिक-सामाजिक विचार है; यात्रा के धार्मिक कार्यक्रमों के साथ इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाने की बात कही गई है।
बागेश्वर धाम के आधिकारिक कार्यक्रम में यात्रा की अवधि 11 से 19 अक्टूबर दर्ज है, जबकि स्थानीय रिपोर्टों में इसे पांच दिवसीय और करीब 500 किलोमीटर का बताया गया है। ऐसे में यात्रा की अंतिम अवधि और विस्तृत पड़ावों की जानकारी आयोजकों की अंतिम घोषणा के बाद स्पष्ट होगी।
