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Cyber Fraud In Gwalior: BSF के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट हुए एक्सटॉर्शन का शिकार, ठग ने वसूले 2.38 लाख रुपए

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक साइबर क्राइम का मामला सामने आया है। एक युवती ने वाट्सएप पर BSF के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट को वीडियो कॉल की और अश्लील हरकतें की। जिसके बाद उनसे पैसे की मांग की पैसे नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी।

By Jagran NewsEdited By: Versha SinghPublished: Fri, 26 May 2023 08:57 AM (IST)Updated: Fri, 26 May 2023 08:57 AM (IST)
BSF के रिटायर्ड के साथ हुआ एक्सटॉर्शन का मामला

ग्वालियर (मध्य प्रदेश ), ऑनलाइन डेस्क। Cyber Fraud In Gwalior: प्रदेश में लगातार साइबर क्राइम की घटनाएं बढ़ रही हैं। बता दें कि ग्वालियर के सिटी सेंटर इलाके में रहने वाले BSF के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट सेक्सटार्शन में फंस गए और उनके साथ 2.38 लाख रुपए कर ली गई।

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घटना के बाद इस मामले का खुलासा हुआ। प्रोफेसर के साथ 83 हजार रुपए की ठगी हुई है। दोनों मामलों में क्राइम ब्रांच थाने में FIR दर्ज करवाई गई है, लेकिन फिलहाल पुलिस को आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

अनजान नंबर से आई थी वीडियो काल

सिटी सेंटर अनुपम नगर निवासी 63 वर्षीय BSF के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट के पास अनजान नंबर से वीडियो काल आई। उनके व्हाट्सएप मैसेंजर पर एक अनजान व्यक्ति द्वारा वीडियो काल की गई थी। उन्होंने काल रिसीव की।

घटना के बाद वीडियो कालिंग शुरू होते ही मोबाइल की स्क्रीन पर युवती कपड़े उतारती दिखी। उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। इससे वे वह घबरा गए और उन्होंने कॉल कट कर दिया। इसके बाद उनके मोबाइल पर एक युवक का फोन आया, जिसने उन्हें इस वीडियो को वायरल करने की धमकी दी। कॉल करने वाले युवक ने उनसे रुपये देने की मांग की। उन्होंने रुपये देने से साफ मना कर दिया।

इसके बाद दूसरे नंबर से फोन आया, जिसने खुद को क्राइम ब्रांच का अफसर बताया और कहा कि जिस युवती का वीडियो काल उनके पास आया था उसने शिकायत की है कि उसके साथ अश्लील बातचीत की गई है। अगर शिकायत रुकवानी है तो रुपये देने होंगे। क्राइम ब्रांच अफसर बनकर उसने 2.38 लाख रुपये ठग लिए। उनसे और रुपए मांगे गए तब उन्हें ठगी का पता लगा। इसके बाद क्राइम ब्रांच में शिकायत की।

हास्पिटल की जगह ठग का डायल किया नंबर

झांसी रोड थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिशंकरपुरम निवासी बृजेश शर्मा प्रोफेसर हैं। पत्नी की तबीयत खराब थी इसलिए 19 मई को उन्होंने गूगल से लिंक हास्पिटल का नंबर निकाला। नंबर लगाने के लिए उन्होंने पूरी जानकारी दी।

बैंक खाते की जानकारी भी ली गई। कुछ संदेह हुआ तो उन्होंने अपना यूपीआइ ब्लाक करवा दिया। दो दिन बाद जब UPI इनेबल कराया तो खाते से 83 हजार रुपये निकल गए। यह नंबर लिंक हास्पिटल का नहीं, बल्कि किसी ठग का था। ठगी होने के बाद पुलिस के पास पहुंचे और क्राइम ब्रांच थाने में एफआइआर दर्ज करवाई।


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