दुष्कर्म को कथित ग्रंथ से जोड़कर असभ्य बयान देने वाले कांग्रेस विधायक फूलसिंह पलटे, सीएम मोहन ने कहा- पार्टी से निकालें राहुल गांधी
दतिया के कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया महिलाओं के प्रति असभ्य टिप्पणी कर घिर गए। उन्होंने एससी/एसटी/ओबीसी महिलाओं से दुष्कर्म को ...और पढ़ें


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डिजिटल डेस्क. भोपाल। महिलाओं के प्रति असभ्य टिप्पणी कर दतिया जिले के भांडेर से कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया चौतरफा घिर गए। इंदौर में शनिवार को राहुल गांधी के दौरे में उनके साथ फूल सिंह बरैया के दिखने पर भाजपा ने पूरी पार्टी को कठघरे में खड़ा किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में मीडिया से कहा- समाज में जहर घोलने वाले फूलसिंह के बयान पर राहुल गांधी उन्हें पार्टी से बाहर करें, जिससे लगे कि समाज के बाकी वर्गों के प्रति भी उनके मन में सम्मान है। वहीं, कांग्रेस ने भी इस बयान से पल्ला झाड़ लिया है।
दरअसल, कई बार विवादित टिप्पणियां कर चुके फूलसिंह बरैया का एक वीडियो बहुप्रसारित है। इसमें वह एक मीडिया साक्षात्कार में एससी-एसटी और ओबीसी महिलाओं के साथ दुष्कर्म की अधिक घटनाओं के संबंध में कह रहे हैं कि उनके (नाम नहीं लिया) धर्म ग्रंथ में लिखा है कि इनसे दुष्कर्म से तीर्थ का फल प्राप्त होगा।
उन्होंने इसका संदर्भ 'रुद्रयामल तंत्र' नामक पुस्तक में होने का तर्क दिया। उन्होंने यहां तक कहा कि अति सुंदर महिला दिख जाए तो किसी भी पुरुष का दिमाग विचलित हो सकता है, दुष्कर्म हो सकता है। एससी, एसटी, ओबीसी समाज में सुंदर लड़कियां कहां होती हैं। उनसे तो दुष्कर्म कथित तीर्थ की फल प्राप्ति के लिए होता है।
उधर, जबलपुर में मीडिया से चर्चा में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे ने इसे कांग्रेस की 'बीमार, विकृत और आपराधिक सोच' का प्रतीक बताते हुए हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह बयान किसी क्षणिक भूल का परिणाम नहीं, बल्कि महिलाओं और एससी-एसटी समाज के प्रति कांग्रेस नेताओं की मानसिकता को उजागर करता है।
इस बीच, चौतरफा घिरने के बाद बरैया अपने बयान से पलट गए। शनिवार शाम को सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि जिस बयान को लेकर मेरे ऊपर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह मेरा नहीं है। बिहार के एक विश्वविद्यालय में दर्शन शास्त्र विभाग के अध्यक्ष रहे हरि मोहन झा का है, मैंने किसी संदर्भ में इसे दोहरा दिया है, लेकिन मैं इस बयान से भी सहमत नहीं हूं।
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एक सप्ताह में बरैया दूसरा विवादित बयान
फूलसिंह बरैया ने इसी सप्ताह भोपाल में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में एससी-एसटी सांसद-विधायकों को लेकर अनर्गल बयान दिया था। उन्होंने कहा था, इनके मुंह में पट्टी बांध दी है, वे भौंक भी नहीं पा रहे। पांच अक्टूबर, 2024 को उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को धमकी देते हुए कहा था कि मशीनों का दुरुपयोग या वोट लूटने पर आंख फोड़ देंगे। इसके पहले भी उनके विवादित बयान सामने आए थे।
दुष्कर्म को जाति, धर्म या संप्रदाय से नहीं जोड़ा जा सकता। फूलसिंह बरैया का बयान उनकी निजी राय है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में हर दिन 22 से अधिक दुष्कर्म होते हैं, यह हम सभी के लिए चिंता का विषय है। यह सरकार की नाकामी है। मेरा मानना है कि हमारी बहनों की सुरक्षा कैसे की जाए, इस पर सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए।
- जीतू पटवारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षमहिलाओं को 'खूबसूरती' के तराजू पर तौलना और एससी-एसटी समाज की महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध को 'तीर्थ फल' कहना, अपराधी मानसिकता की स्वीकारोक्ति है। यह स्त्री-द्वेष, दलित-विरोध और मानवता पर सीधा हमला है।
-आशीष अग्रवाल, प्रदेश मीडिया प्रभारी, भाजपा
