सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पास गड्ढे में मिला कॉलर वाली बाघ का शव, शिकार की आशंका
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के देनवा बफर क्षेत्र से सटे छिंदवाड़ा वन मंडल के सांगाखेड़ा रेंज में एक कॉलर आईडी वाले ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड तस्वीर

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जेएनएन, नर्मदापुरम। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के देनवा बफर सीमा से लगे सामान्य वन मंडल क्षेत्र में बाघ का शव मिला। बाघ के गले में कॉलर आईडी डली थी। शुक्रवार को सांगाखेड़ा रेंज में बाघ गड्ढे में मिला है। एसटीआर का देनवा बफर रेंज, डाग स्क्वायड और सामान्य वन मंडल छिंदवाड़ा का स्टाफ मौके पर पहुंचा।
सूत्रों के मुताबिक बाघ का शव गड्ढे में मिला है। जिसके ऊपर मिट्टी डाली हुई थी। आशंका है कि शिकार के सबूत मिटाने ऐसा किया गया हो। साथ ही घटना स्थल के पास ही एक मृत मवेशी भी मिला है। सूत्रों की मानें तो जिस बाघ का शव मिला है उसे एक साल पहले मटकुली क्षेत्र में छोड़ा गया था। जिसके गले में कॉलर आईडी लगाई गई थी।
लागतार एक जगह लोकेशन आने से अफसरों को शंका हुई। जिसके बाद देनवा बफर स्टाफ बाघ की खोजबीन में जुटा। जिस जगह बाघ का शव मिला वह छिंदवाड़ा सामान्य वन मंडल के सांगाखेड़ा रेंज क्षेत्र में आता है।
पुराने मामले में अभी तक नहीं मिले शिकारी
गत वर्ष 22 अगस्त एसटीआर के कोर क्षेत्र की सीमा से बाहर तवा नदी में एक बाघ का शव मिला था। शव का पंजा शिकारी काटकर ले गए थे। उस समय स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स को जांच सौंपी गई थी।
शव मिलने के छ: महीने बीत जाने के बाद भी स्ट्राइक फोर्स, वन विकास निगम, एसटीआर और सामान्य वन मंडल के अफसर न तो शिकारियों को ढूंढ पाए और न ही यह पता लगा सके कि शिकार कहा हुआ था। यह विभाग की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।
बाघ के मृत्यु की सूचना मिली। जिस जगह बाघ का शव मिला है वह छिंदवाड़ा सामान्य वन मंडल के सांगाखेड़ा रेंज क्षेत्र में आता है। बाघ की कॉलर आईडी की जांच की जा रही है।- राखी नंदा, क्षेत्र संचालक, एसटीआर
