भोपाल में एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाले स्टेशन पर भैंसों की चहलकदमी, शताब्दी के सामने प्लेटफॉर्म पर घूमती रहीं; असहज हुए यात्री
भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर दो भैंसे घूमती देखी गईं, जिससे यात्री असहज हुए। ...और पढ़ें

HighLights
रानी कमलापति स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 पर भैंसें घूमती दिखीं।
यह घटना पश्चिम मध्य रेलवे महाप्रबंधक के निरीक्षण वाले दिन हुई।
आरपीएफ थाने का गेट खुला होने से भैंसें स्टेशन के भीतर घुसीं।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। पीपीपी मॉडल पर 450 करोड़ रुपये के बजट से भोपाल में विकसित विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला रानी कमलापति रेलवे स्टेशन मवेशियों का ठिकाना बनता दिख रहा है। रेलवे प्रशासन की ओर से अति-सुरक्षित बताए जा रहे इस स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर सोमवार को दो भैंसे चहलकदमी करती देखी गईं। इसके कुछ घंटे बाद ही यहां पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक का दौरा हुआ।
160 हाईटेक कैमरों से निगरानी का दावा
सोमवार दोपहर बाद करीब 3.12 बजे प्लेटफॉर्म नंबर एक पर शताब्दी एक्सप्रेस खड़ी थी। उसी दौरान दो भैंसे प्लेटफार्म पर घुस गईं। वे यात्रियों के बीच से घूमतीं रहीं। वहीं गोबर किया। यात्री असहज नजर आए। कई बचकर दूर से निकलते देखे गए। रेलवे प्रबंधन का दावा है कि स्टेशन पर 160 हाइटेक कैमरों से नजर रखी जाती है।
महाप्रबंधक के दौरे वाले दिन ही प्लेटफॉर्म पर पहुंचीं भैंसें
मजे की बात यह है कि सोमवार सुबह पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह रानी कमलापति स्टेशन पहुंचे थे। शाम करीब छह बजे उन्होंने लौटकर स्टेशन का निरीक्षण भी किया। जिस दिन स्टेशन की व्यवस्थाओं को परखा जाना था, उसी दिन दोपहर में प्लेटफार्म पर भैंसें घूमती मिलीं। इस रेलवे स्टेशन की परियोजना के महाप्रबंधक मोहित समैया ने कहा कि आरपीएफ थाने का गेट खुला रहने से भैंस स्टेशन पर पहुंच गई थीं, जिन्हें भगा दिया गया।
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2021 में हुआ था लोकार्पण
रेलवे की पुनर्विकास परियोजना के तहत इस स्टेशन के विकास कार्यों का लोकार्पण 15 नवंबर 2021 को हुआ था। इसका पुनर्विकास पारंपरिक रेलवे स्टेशन की तरह केवल प्लेटफॉर्म और भवन सुधारने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे हवाई अड्डे जैसी यात्री सुविधाओं, आधुनिक वास्तुशिल्प और मल्टीमाडल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया गया। केवल भवन पर ही 100 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
