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भोपाल में बदसलूकी करने वाले TI विरोध में आदिवासी छात्रों का उग्र प्रदर्शन, FIR की मांग; महिला कार्यकर्ता ने पुलिसकर्मी को जड़ा थप्पड़

Published: Sun, 18 Oct 2026 08:27 PM (IST)

भोपाल में 'जोहार' अभिवादन पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और टीआई के दुर्व्यवहार के विरोध में आदिवासी कार्यकर्ताओं व छात्रों ने ...और पढ़ें

आदिवासी छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किया। (फोटो- जागरण)

आदिवासी छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किया। (फोटो- जागरण)

HighLights

  1. कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में आदिवासी छात्रों का प्रदर्शन।

  2. प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ता ने पुलिस आरक्षक को थप्पड़ मारा।

  3. आरोपित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर और कठोर कार्रवाई की मांग।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। ‘जोहार’ अभिवादन पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में भोपाल में आदिवासी कार्यकर्ताओं व छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किया। इसी दौरान इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक महिला कार्यकर्ता ड्यूटी पर तैनात पुलिस आरक्षक को थप्पड़ मारती दिखी। महिला ने कथित तौर पर पुलिस के डंडे से चेहरे पर चोट लगने की बात कही। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेतृत्व में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए आदिवासी कार्यकर्ता व जयस जैसे छात्र संगठन राजधानी के सेकंड स्टॉप क्षेत्र पर एकत्र हुए। 

संगठन ने मिसरोद के तत्कालीन थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार और मामले में आरोपित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इसके बाद रोशनपुरा चौराहा पर शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। 

संगठन के अनुसार 13 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने टीआई पर बदसलूकी का आरोप लगाया था। ‘जोहार’ को लेकर कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर आदिवासी समाज और विद्यार्थी संगठनों ने नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बनी। 

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मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर संगठन ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। टीटीनगर टीआई गौरव सिंह ने बताया कि 40 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में केस दर्ज किया गया और उन्हें हिरासत में लेकर शहर से बाहर ले जाया गया।

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ये मांगें रखी गईं

- ज्ञापन में निजी स्कूलों और कालेजों की मनमानी फीस पर रोक, छात्रवृत्ति एवं आवास सहायता राशि बढ़ाकर चार हजार रुपये प्रतिमाह करने और शैक्षणिक सत्र समाप्त होने से पहले भुगतान की मांग की गई। 
- छात्रसंघ चुनाव बहाल करने, लंबित नर्सिंग परीक्षाएं कराने, छात्रावासों में सीटें व सुविधाएं बढ़ाने, बस पास, रियायती गैस सिलेंडर और बेहतर डिजिटल अध्ययन सुविधाएं देने की मांगें भी शामिल हैं। 
- गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन इंडिया ने आदिवासी विश्वविद्यालयों की स्थापना, विशेष पिछड़ी जनजातियों के विद्यार्थियों को निश्शुल्क शिक्षा और बालाघाट जिले में बैगा जनजाति के मृत बच्चों के स्वजनों को कम से कम 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी रखी।