भोपाल स्टेशन पर चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश में गिरीं मां-बेटी, प्लेटफॉर्म के बीच फंसीं, RPF जवान ने दौड़कर बचाई जान
भोपाल स्टेशन पर चलती शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस से उतरने की कोशिश में एक मां-बेटी ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस गईं। ...और पढ़ें

आरपीएफ जवान ने बचाई मां-बेटी की जान। (वीडियो ग्रैब)
HighLights
भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 पर हुई घटना।
शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस में सफर कर रही थीं मां-बेटी।
आरपीएफ जवान की तत्परता से बची दोनों की जान।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। बेटी को बाथरूम से लौटने में देर हुई और ट्रेन चलने लगी। बेटी को अकेला छोड़ने के डर से मां भी वहीं खड़ी रही और जब तक दोनों उतरने लगीं, तब तक ट्रेन प्लेटफॉर्म से रवाना होने लगी। उन्होंने चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश की, जिससे दोनों की जान पर बन आई। उतरते वक्त मां-बेटी का संतुलन बिगड़ा और वे चलती ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच फंस गईं। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के आरक्षक मधुसूदन यादव की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए दोनों को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी तत्परता से मां-बेटी की जान बच गई। यह घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी में केद हो गई, जिसका फुटेज भी सामने आया है।
बेटी के चक्कर में मां को भी उतरने में देरी
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 7:35 बजे ट्रेन नंबर 12156 शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से रवाना हो रही थी। इसी दौरान आरक्षक मधुसूदन यादव प्लेटफॉर्म नंबर-1 से 3 तक ए-3 और ए-5 बीट पर ड्यूटी करते हुए ट्रेन पास करा रहे थे। तभी उनकी नजर पीछे की ओर लगे जनरल कोच के गेट से उतरने की कोशिश कर रही दो महिला यात्रियों पर पड़ी। दोनों ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसती जा रही थीं। स्थिति की गंभीरता समझते हुए आरक्षक ने तुरंत दोनों को बाहर खींच लिया।
बेटी बाथरूम से लौटी, तब तक चल पड़ी ट्रेन
महिला यात्री ने बताया कि वह अपनी 15 वर्षीय बेटी के साथ हजरत निजामुद्दीन से भोपाल आई थीं। सफर के दौरान बेटी बाथरूम गई थी। इसी बीच ट्रेन चलने लगी। मां ने बेटी के साथ उतरने की कोशिश की, लेकिन जल्दबाजी में उनका पैर फिसल गया और दोनों ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच गिर गईं। हादसे में मां-बेटी को मामूली चोटें आईं। दोनों ने प्राथमिक उपचार लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित स्टेशन परिसर से बाहर भेज दिया गया।
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आरक्षक ने बचाई जान
चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश ने मां-बेटी को बड़े हादसे के मुहाने पर पहुंचा दिया था। गनीमत रही कि समय रहते आरक्षक मधुसूदन यादव की नजर उन पर पड़ गई। उनकी सतर्कता और तत्परता से दोनों सुरक्षित बच गईं।
