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‘जय जोहार’ बोलने पर आदिवासी छात्रों से बदसलूकी, भोपाल के TI रतन सिंह परिहार सस्पेंड; उमंग सिंघार ने की FIR की मांग

Published: Wed, 14 Oct 2026 05:06 PM (IST)Updated: Wed, 14 Oct 2026 06:46 PM (IST)

भोपाल में 'जय जोहार' बोलने पर आदिवासी छात्रों से बदसलूकी के मामले में मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार को ...और पढ़ें

मिसरोद टीआई रतन सिंह परिहार (दायें) को सस्पेंड किया गया।

मिसरोद टीआई रतन सिंह परिहार (दायें) को सस्पेंड किया गया।

HighLights

  1. प्रदर्शनकारियों से पुलिस के दुर्व्यवहार का वीडियो वायरल।

  2. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले का संज्ञान लिया।

  3. उमंग सिंघार ने टीआई पर एफआईआर की मांग की।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। आदिवासी छात्रों के मंगलवार को रोशनपुरा में हुए प्रदर्शन के दौरान 'जय जोहार' बोलने पर अभद्र टिप्पणी और गाली-गलौज करने के मामले में मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार को बुधवार को निलंबित कर दिया गया। पुलिस कमिश्नर ने उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मामले का संज्ञान लिया है। राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि जांच में अन्य लोग भी अगर दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

दरअसल, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की छात्र शाखा ने मंगलवार को छात्रों की समस्याओं को लेकर भोपाल के रोशनपुरा से लेकर मिसरोद तक प्रदर्शन किया था। इसी दौरान 'जय जोहार' बोलने पर टीआई रतन सिंह परिहार भड़क गए थे। प्रदर्शन के दौरान वाहन में सवार छात्रों से गाली-गलौच करते और धमकाते हुए उनका वीडियो प्रसारित हुआ। वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी विधायकों और विभिन्न संगठनों ने टीआई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

सिंघार ने टीआई के बर्ताव को बताया निंदनीय

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर पोस्ट कर घटना को गंभीर और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले आदिवासी छात्रों के साथ 'जोहार' कहने पर अभद्रता करना गलत है। जोहर आदिवासी संस्कृति, पहचान, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है। यह अभिवादन प्रेम, आदर और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने मांग की कि पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए एफआईआर की जानी चाहिए।

मंत्री बोले- सरकार सम्मान के लिए प्रतिबद्ध

इस मामले में राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि मिसरोद इलाके की घटना दुखद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले का संज्ञान लेकर इस पर चर्चा की है। टीआई रतन सिंह परिहार को निलंबित कर जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रदेश में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग रहते हैं। ‘जय जोहार’ सम्माननीय उद्घोष है।

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पहले भी विवादों में रहे

बता दें कि रतनलाल सिंह परिहार का नाम इससे पहले भी विवादों से जुड़ चुका है। कुछ समय पहले यूथ कॉन्क्लेव के दौरान छात्रों के साथ कथित मारपीट और उनके बाल खींचने का मामला सामने आया था। उस समय पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने जांच के निर्देश दिए थे।

इसके अलावा, दिसंबर 2020 में निशातपुरा थाने में पदस्थापना के दौरान भी उन पर गंभीर आरोप लगे थे। उस समय एक महिला ने आरोप लगाया था कि उप निरीक्षक रहते हुए परिहार ने उसके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और मारपीट की।

टीआई को निलंबित किया है। जांच में घटना से जुड़े तथ्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल होगी। निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
- विकास शाहवाल, डीसीपी भोपाल।