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भोपाल: घर में घुसकर आवारा श्वान का हमला, 8 साल के बच्चे का चेहरा नोंचा; करानी पड़ी सर्जरी

Published: Wed, 21 Oct 2026 05:54 PM (IST)

भोपाल के शाहजहांनाबाद में एक आवारा कुत्ते ने घर में घुसकर 8 साल के बच्चे इब्राहिम पर हमला कर दिया, ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. आवारा कुत्ते ने घर में घुसकर बच्चे इब्राहिम का चेहरा नोंचा।

  2. बच्चे के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, सर्जरी करानी पड़ी।

  3. स्थानीय लोग आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान, कार्रवाई की मांग।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। राजधानी भोपाल के शाहजहांनाबाद इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। नूर महल लाल मस्जिद रोड पर एक मकान में घुसकर आवारा कुत्ते ने 8 साल के मासूम इब्राहिम पर हमला कर दिया। हमले में बच्चे का चेहरा बुरी तरह जख्मी हो गया। गंभीर चोटों के चलते डॉक्टरों को उसकी सर्जरी करनी पड़ी। इब्राहिम पिछले पांच दिनों से हमीदिया अस्पताल में भर्ती है और उसका उपचार जारी है।

चेहरे पर चार जगह गहरे जख्म

जानकारी के अनुसार, कुत्ते के हमले में इब्राहिम के चेहरे पर चार जगह गंभीर चोटें आई हैं। जख्म गहरे होने के कारण चिकित्सकों को ऑपरेशन करना पड़ा। घटना ने बच्चे और उसके परिवार को सदमे में डाल दिया है। इलाके के लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या के कारण अब बच्चों को घर से बाहर भेजना भी चिंता का विषय बन गया है।

पांच दिन में 15 से ज्यादा लोगों पर हमले का दावा

स्थानीय रहवासियों के मुताबिक, शाहजहांनाबाद क्षेत्र में आवारा कुत्तों के झुंड लगातार लोगों को निशाना बना रहे हैं। लोगों का दावा है कि पिछले पांच दिनों में 15 से अधिक लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं। क्षेत्र में 50 से ज्यादा आवारा कुत्तों के घूमने की बात भी रहवासियों ने कही है।

उनका कहना है कि सड़क से गुजरने वाले छोटे बच्चों और मस्जिद में नमाज पढ़ने जाने वाले लोगों के पीछे कुत्ते दौड़ पड़ते हैं। इस वजह से इलाके में भय का माहौल है। घर के भीतर हुई इब्राहिम के साथ घटना ने रहवासियों की चिंता और बढ़ा दी है।

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जनप्रतिनिधियों व नगर निगम से शिकायत, कार्रवाई का इंतजार

लगातार हो रही घटनाओं से नाराज रहवासियों का आरोप है कि उन्होंने क्षेत्रीय विधायक आतिफ अकील, स्थानीय पार्षद और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार शिकायत की है। इसके बावजूद आवारा कुत्तों को पकड़ने या उनकी संख्या नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

स्थानीय लोग नगर निगम से मांग कर रहे हैं कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों को पकड़ने, उनकी निगरानी और नसबंदी सहित जरूरी कदम उठाए जाएं, ताकि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अब देखना होगा कि मासूम पर हमले के बाद जिम्मेदार विभाग इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।