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Bhopal News: 'बस आज की रात है जिंदगी' गीत पर नाचते हुए आ गई मौत, चली गई जान; वीडियो हुआ वायरल

पांच साल बाद भोपाल के डाक परिमंडल को राष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी का मौका मिला। देश के कई राज्यों से हॅाकी खिलाड़ी यहां आए हुए थे। सहभोज के दौरान मध्य प्रदेश डाक परिमंडल कार्यालय में सहायक निदेशक की डांस करते हुए मृत्यु हो गई।

By Jagran NewsEdited By: Piyush KumarPublished: Mon, 20 Mar 2023 08:26 PM (IST)Updated: Tue, 21 Mar 2023 01:36 AM (IST)
डाक परिमंडल कार्यालय में सहायक निदेशक सुरेन्द्र कुमार दीक्षित की फाइल फोटो।

भोपाल, जेएनएन। मध्य प्रदेश डाक परिमंडल कार्यालय में सहायक निदेशक ( तकनीकी) के पद पर कार्यरत सुरेन्द्र कुमार दीक्षित का अचानक निधन हो गया। वो कद-काठी और अंदाज के लिए काफी लोकप्रिय थे। 16 मार्च की रात कार्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रम में सहभोज के बीच फिल्मी गीत, अपनी तो जैसे-तैसे कट जाएगी पर दोनों हाथ उठाकर वे नाच रहे थे।

डांस करते हुए अचानक गिर पड़े दीक्षित

वहीं, सामने खड़े मित्र सहायक निदेशक अभिषेक चौबे उनके नाचने के अंदाज को मोबाइल में कैद कर रहे थे। वो बस आज की रात है जिंदगी, कल हम कहां, तुम कहां... गीत मस्त होकर डांस कर रहे थे। तभी अचानक वो जमीन पर गिर पड़े।

इसके बाद उनके सहकर्मी उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर रवाना हुए। लेकिन डॉक्टरों ने जानकारी दी कि उनका हर्ट फेल हो गया है और वो मृत घोषित कर दिए गए। डांस करते हुए अचानक उनके निधन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

भोपाल को राष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी का मौका मिला

बता दें कि पांच साल बाद भोपाल के डाक परिमंडल को राष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी का मौका मिला। देश के कई राज्यों से हॅाकी खिलाड़ी यहां आए हुए थे। परंपरा के अनुसार प्रतियोगिता के अंत में खिलाड़ियों के सम्मान में मुख्य पोस्टमास्टर जनरल की ओर से सहभोज दिया गया था। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम भी थे। इस कार्यक्रम में भोज के बाद हल्के-फुल्के माहौल में कर्मचारी नाच रहे थे, तभी दीक्षित को हार्ट अटैक आ गया।

निधन पर मुख्य पोस्टमास्टर ने जताया शोक

मुख्य पोस्टमास्टर जनरल ने दीक्षित की आकस्मिक मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि दीक्षित का यूं अचानक चले जाना मध्य प्रदेश डाक परिमंडल, डाक विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने बताया कि एसके दीक्षित डाक विभाग में सबसे छोटे पद ग्रामीण डाक सेवक से सहायक निदेशक तक अपनी काबिलियत, मेहनत, सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व के चलते पदोन्नति प्राप्त करते हुए पहुंचे थे। उनकी लगन और तरक्की नौजवान युवा कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है।

दो बेटियों के पिता थे दीक्षित

दीक्षित के परिवार में पत्नी और दो पुत्रियां हैं। बड़ी बेटी बैंगलुरु से एमबीए तो छोटी बेटी लेडी श्रीराम कालेज दिल्ली से अध्ययन कर रही है। इंदौर के पोस्टमास्टर जनरल ब्रजेश कुमार ने दीक्षित को याद करते हुए बताया कि वह बड़े ही मिलनसार, सरल, सहज व्यक्तित्व के धनी थे जो डाक विभाग के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में हमेशा सक्रिय रहे हैं।


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