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भैंसें पुलिस ने पकड़ीं, बिल नगर निगम भर रहा! भोपाल के कांजी हाउस में कैद 44 भैंसों के चारे पर 9 माह में ₹13 लाख से ज्यादा खर्च

Published: Wed, 07 Oct 2026 06:52 PM (GMT+05:30)

भोपाल में पुलिस द्वारा जब्त की गई 44 भैंसें पिछले 9 महीनों से नगर निगम के कांजी हाउस में हैं, ...और पढ़ें

अरवलिया के कांजी हाउस में बंधी भैंसें। (फोटो- जागरण)

अरवलिया के कांजी हाउस में बंधी भैंसें। (फोटो- जागरण)

HighLights

  1. पुलिस ने अवैध रूप से ले जाई जा रही 49 भैंसें जब्त कीं।

  2. नगर निगम ने 9 माह में चारे पर 13 लाख रुपये खर्च किए।

  3. अदालत में मामला लंबित होने से नीलामी नहीं हो पा रही।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। पुलिस ने अवैध तरीके से ट्रकों में ले जाई जा रहीं भैंसों को पकड़ा तो उन्हें रखने के लिए नगर निगम के कांजी हाउस भेज दिया गया। उम्मीद थी कि कुछ दिनों में मामला सुलझ जाएगा, लेकिन देखते ही देखते 9 महीने बीत गए। अब अरवलिया स्थित कांजी हाउस में 44 भैंसें नगर निगम के लिए लगातार खर्च का कारण बनी हुई हैं। इनके चारे और देखभाल पर निगम अब तक 13 लाख रुपये से अधिक खर्च कर चुका है।

मुश्किल यह है कि न तो भैंसों को वापस ले जाया जा रहा है और न ही निगम उनकी नीलामी कर पा रहा है। पूरा मामला अदालत में लंबित होने के कारण कार्रवाई अटकी हुई है। बढ़ते खर्च से परेशान नगर निगम अब पुलिस से ही कह रहा है कि भैंसें आपकी जब्ती हैं, इसलिए इन्हें वापस ले जाकर आप ही संभालिए।

जनवरी में 49 भैंसें पकड़ी थीं

मामला जनवरी 2026 का है। ईंटखेड़ी पुलिस ने ट्रकों के जरिए अवैध रूप से ले जाई जा रहीं 49 भैंसों को पकड़ा था। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई के बाद जब्त पशुओं को रखने की समस्या खड़ी हुई। इसके बाद पुलिस ने सभी भैंसों को अरवलिया स्थित नगर निगम के कांजी हाउस में रखवा दिया।

मामला अदालत पहुंचा। इस दौरान ट्रक तो छूट गए, लेकिन भैंसें कांजी हाउस में ही रह गईं। उनके भोजन और देखभाल की जिम्मेदारी नगर निगम पर आ गई। दिन गुजरते गए और चारे का खर्च भी बढ़ता गया।

नीलामी की कोशिश भी नहीं हुई कामयाब

खर्च बढ़ने के बाद नगर निगम ने भैंसों की नीलामी कर अब तक हुए खर्च की कुछ भरपाई करने की कोशिश की। इसके लिए ईंटखेड़ी पुलिस से दो बार अनुमति मांगी गई, लेकिन अदालत में मामला लंबित होने का हवाला देते हुए पुलिस ने अनुमति नहीं दी। नतीजा यह रहा कि भैंसें कांजी हाउस में ही रहीं और उनका चारा नगर निगम के खाते से चलता रहा। 9 महीने में यह खर्च 13 लाख रुपये से अधिक पहुंच चुका है।

9 भैंसों की मौत, चार बछड़ों का जन्म

कांजी हाउस में रखी गई 49 भैंसों में से अब तक नौ की मौत हो चुकी है, जबकि चार बछड़ों का जन्म हुआ है। इस तरह फिलहाल कांजी हाउस में 44 भैंसें हैं। किसी भैंस की मौत होने पर भी नगर निगम को प्रक्रिया के तहत पुलिस को सूचना देनी पड़ती है। पुलिस की अनुमति के बाद ही पोस्टमार्टम कराया जाता है। बताया गया है कि पिछले करीब 45 दिनों में चार भैंसों की मौत हो चुकी है।

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ननि ने पुलिस से कहा- जिम्मेदारी आप ही संभालिए

लगातार बढ़ रहे खर्च से नगर निगम प्रशासन अब इस मामले से बाहर निकलना चाहता है। निगम ने ईंटखेड़ी पुलिस के साथ पत्राचार शुरू करने की तैयारी की है, ताकि जब्त भैंसों को वापस पुलिस की सुपुर्दगी में दिया जा सके। साथ ही निगम अब तक चारे और देखभाल पर खर्च हुई 13 लाख रुपये से अधिक की राशि का हिसाब भी पुलिस को सौंपने की तैयारी में है।

ईंटखेड़ी पुलिस द्वारा पकड़ी गई भैंसे लंबे समय से अरवलिया कांजी हाउस में बंद हैं। इन भैंसों को वापस पुलिस विभाग के पास भेजने के लिए पत्र लिखा जा रहा है। साथ में इन पर खर्च की गई राशि का हिसाब भी भेजा जाएगा।
- हीरेन्द्र कुशवाहा, उपायुक्त, भोपाल नगर निगम