ट्रेन के बाद अब बसों से ड्रग तस्करी! भोपाल ISBT पर अक्टूबर में दो बार पकड़ी गई नशीले पदार्थों की खेप
ट्रेनों के बाद अब बसों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी बढ़ गई है। भोपाल ISBT पर DRI ने अक्टूबर ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
DRI ने भोपाल ISBT पर 9 किलोग्राम मेथामफेटामाइन जब्त की।
अक्टूबर में भोपाल ISBT पर यह दूसरी बड़ी ड्रग कार्रवाई।
तस्कर लंबी दूरी की यात्री बसों का उपयोग कर रहे हैं।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। ट्रेनों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई बढ़ने के बाद तस्करों ने परिवहन का रास्ता बदल दिया है। अब यात्री बसों के जरिये भी नशीले पदार्थों की खेप लाई और ले जाई जा रही है। भोपाल के अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) पर राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने अक्टूबर में दो बार ड्रग पकड़ी है।
कपड़ों के पैकेटों के बीच छिपाई थी ड्रग
मंगलवार को डीआरआई ने दो ट्रॉली बैग में सलवार सूट के पैकेटों के बीच छिपाकर ले जाई जा रही नौ किलोग्राम मेथामफेटामाइन (ड्रग) जब्त की। यह खेप दिल्ली से बेंगलुरु जा रही बस के एक यात्री के पास से मिली। तलाशी में 11 पैकेट बरामद हुए। यात्री को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया।
अक्टूबर में दूसरी बार पकड़ी गई ड्रग्स की खेप
भोपाल ISBT पर अक्टूबर महीने में DRI की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 14 अक्टूबर को भी इसी बस टर्मिनल पर महिला यात्री से 2.6 किलोग्राम एम्फेटामाइन जब्त की गई थी। भोपाल रेलवे स्टेशन पर डीआरआई ने 23 सितंबर को दो किलोग्राम एम्फेटामाइन पकड़ी थी।
यह भी पढ़ें- भोपाल रिटायर्ड IAS हत्याकांड में 21 दिन बाद बड़ा एक्शन, पांच सदस्यीय SIT करेगी जांच; मुख्य आरोपित अब भी फरार
लंबी दूरी की बसों को क्यों चुन रहे तस्कर?
डीआरआई अधिकारियों के मुताबिक, लंबी दूरी की बसों में जांच कम होती है, जिसका तस्कर फायदा उठाते हैं। भोपाल में खेप किसी को सौंपनी हो या यहां से दूसरे शहर पहुंचानी हो, बसों से यह आसान हो जाता है। बस टर्मिनल पर यात्रियों और सामान की लगातार आवाजाही के बीच सामान्य लगेज में छिपी खेप पहचानना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
