ट्रेनों में चोरी करने वाला ‘इंजीनियर चोर’ भोपाल में गिरफ्तार, ऑनलाइन बेटिंग ने बना दिया मुजरिम, विदेश में कर चुका नौकरी
भोपाल जीआरपी ने ट्रेनों के एसी कोच में चोरी करने वाले एक बीटेक ग्रेजुएट को गिरफ्तार किया है। ऑनलाइन बेटिंग ...और पढ़ें

जीआरपी ने आरोपित को किया गिरफ्तार (प्रतीकात्मक चित्र)

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। भोपाल जीआरपी ने ट्रेनों के एसी कोच में चोरी करने वाले एक शातिर बदमाश को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। हैरानी की बात यह है कि पकड़ा गया आरोपित बीटेक ग्रेजुएट है और कभी विदेश में नौकरी कर चुका है। पुलिस जांच में सामने आया कि ऑनलाइन बेटिंग की लत और लाखों रुपये के नुकसान ने उसे अपराध की राह पर धकेल दिया।
आरोपित रात 12 से 2 बजे के बीच भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की रेकी करता था और मौका मिलते ही एसी कोच में घुसकर यात्रियों का सामान चुरा लेता था। 20 जनवरी को उसने आगरा-मुंबई राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच से एक महिला यात्री का जेवर और नकदी से भरा पर्स चोरी किया था।
200 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले, तब दबोचा गया
पुलिस ने करीब 10 दिन तक चली जांच के दौरान 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके बाद आरोपित तक पहुंचने में सफलता मिली। गिरफ्तारी के बाद उसके खुलासों ने पुलिस को भी चौंका दिया। आरोपित ने भोपाल स्टेशन से जुड़ी चार चोरी की वारदातों को कबूल किया है। उसके कब्जे से करीब सात लाख रुपये का चोरी का माल भी बरामद किया गया है।
विदेश तक की नौकरी, फिर बेटिंग में डूबा करियर
एसआई मिथिलेश भारद्वाज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित 36 वर्षीय प्रांजल दीक्षित, लखनऊ के देवस्थान क्षेत्र का रहने वाला है। उसने पुणे विश्वविद्यालय से मरीन ब्रांच में बीटेक किया और लंबे समय तक पुणे की एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम किया। नौकरी के दौरान वह दो बार इंग्लैंड भी गया। कुछ समय पहले उसे ऑनलाइन बेटिंग की लत लग गई, जिसमें उसने करीब 10 लाख रुपये गंवा दिए। इसी वजह से पत्नी से विवाद हुआ और फिलहाल तलाक का मामला अदालत में चल रहा है।
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परिवार से झूठ, भोपाल में रहकर करता रहा चोरी
करीब दो महीने पहले प्रांजल भोपाल आया और गुलमोहर कॉलोनी में किराए से रहने लगा। उसने लखनऊ में रह रहे अपने स्वजनों को बताया कि वह भोपाल में नौकरी कर रहा है। ट्रेनों में चोरी के बाद वह सोना और नकदी अपने पास रखता था, जबकि मोबाइल और अन्य दस्तावेज पहचान छिपाने के लिए काली मंदिर के पास छोटे तालाब में फेंक देता था।
